आरसीबी के गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने कहा-स्विंग होती गेंदों ने शुरुआती ब्रेकथ्रू दिलाया

DC vs RCB : दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में आरसीबी के तेज गेंदबाजों ने ऐसा कहर बरपाया कि दिल्ली कैपिटल्स की टीम पानी भी नहीं मांग सकी और पस्त हो गई. इस जीत में स्विंग होती गेंदों की अहम भूमिका रही, जिसे भुवनेश्वर कुमार ने एक तरह से जीत का श्रेय दिया है.

DC vs RCB : रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने सोमवार की रात दिल्ली कैपिटल्स (DC) को उसके होम ग्राउंड पर 9 विकेट से करारी शिकस्त दी. आरसीबी की इस जीत के हीरो रहे गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार जोश हेजलवुड, जिन्होंने दिल्ली के बैटरर्स को 75 रन के स्कोर पर धराशाई कर दिया.

शुरुआत में विकेट मिल जाने से सबकुछ आसान हो जाता है: भुवनेश्वर कुमार

आरसीबी के शानदार प्रदर्शन पर बात करते हुए उनके स्टार गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने कहा कि इस सीजन में गेंद थोड़ी स्विंग हो रही है. मुझे पक्का नहीं पता कि यह गेंद की वजह से है या सरफेस की वजह से, लेकिन जब गेंद मूव करती है, और आप शुरुआत में कुछ विकेट ले लेते हैं, तो बाद में चीजें बहुत आसान हो जाती हैं. यह एक अच्छी बैटिंग विकेट थी और गेंद अच्छी तरह से आ रही थी, लेकिन फिर भी वह काफी स्विंग कर थी. यह गेंदबाजों के लिए बेहतरीन अवसर था और हमने उसका फायदा उठाया. हम लकी थे कि हमें शुरुआती ब्रेकथ्रू मिले. पिछले गेम में इसी पिच पर 250 रन बने थे, लेकिन सोमवार को कुछ और ही हुआ.

हेजलवुड ने की भुवनेश्वर कुमार की तारीफ

आरसीबी के पेसर जोश हेजलवुड ने दिल्ली के चार चटकाए, लेकिन उन्होंने 3 तीन विकेट लेने वाले भुवनेश्वर कुमार की तारीफ की. हेजलवुड ने कहा, भुवी शानदार प्रदर्शन कर रहे थे. पूरे समय उन्होंने बेहतरीन गेंद फेंकी.अब वे पर्पल कैप विनर हैं. वे बेहतरीन स्विंग कराते हैं.

आरसीबी प्वाइंट टेबल में दूसरे नंबर पर

दिल्ली कैपिटल्स को 9 विकेट से हराकर आरसीबी ने IPL इतिहास का दूसरा सबसे तेज रन चेज किया और मात्र 6.3 ओवर में नौ विकेट बाकी रहते जीत हासिल कर ली. इस जीत के साथ ही आरसीबी ने इस सीजन में अपनी छठी जीत दर्ज की.आरसीबी अब प्वाइंट टेबल में पंजाब के बाद दूसरे नंबर पर पहुंच गया है, जिसने 8 मैच खेलकर 6 में जीत दर्ज की है और 12 प्वाइंट बनाएं हैं.

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Published by: Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

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