D Gukesh: सबसे युवा वर्ल्ड चेस चैंपियन को तमिलनाडु के CM एमके स्टालिन देंगे 5 करोड़ का इनाम

D Gukesh: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने सबसे कम उम्र के विश्व शतरंज चैंपियन बने डी गुकेश को 5 करोड़ रुपये का नगर पुरस्कार देने का ऐलान किया है. गुकेश ने गुरुवार को यह उपलब्धि हासिल की.

D Gukesh: डी गुकेश ने गुरुवार को इतिहास रच दिया. वह सिंगापुर में होने वाली विश्व शतरंज चैंपियनशिप 2024 के 14वें गेम में चीन के डिंग लिरेन को हराकर शतरंज के इतिहास में सबसे कम उम्र के विश्व चैंपियन बन गए. 18 साल की उम्र में गुकेश शतरंज में विश्व खिताब जीतने वाले पहले किशोर हैं. इस सबसे कम उम्र के विश्व चैंपियन को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने 5 करोड़ रुपये नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है. उन्होंने गुकेश को सबसे कम उम्र का विश्व चैंपियन बनने पर बधाई भी दी है.

D Gukesh: स्टालिन ने एक्स पर की नकद पुरस्कार की घोषणा

एमके स्टालिन ने एक्स पर लिखा, ‘सबसे कम उम्र के विश्व शतरंज चैंपियन डी गुकेश की शानदार उपलब्धि के सम्मान में, मुझे 5 करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है. उनकी ऐतिहासिक जीत ने देश को बहुत गर्व और खुशी दी है. मैं कामना करता हूं कि वे भविष्य में भी चमकते रहें और नई ऊंचाइयां हासिल करें. इस युवा सितारे को आगे बढ़ाने में उनके असाधारण समर्थन और प्रोत्साहन के लिए डीएमके यूथ विंग के महासचिव उदय स्टालिन और तमिलनाडु खेल विकास प्राधिकरण को बधाई.’

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D Gukesh ने कितनी पुरस्कार राशि जीती

2024 विश्व शतरंज चैंपियनशिप की कुल पुरस्कार राशि 2.5 मिलियन डॉलर है. विश्व शतरंज संघ (FIDE) के नियमों के अनुसार, प्रत्येक जीत के लिए खिलाड़ी को 2 लाख डॉलर (लगभग 1.68 करोड़ रुपये) दिए जाएंगे और शेष पुरस्कार राशि को बराबर-बराबर बांटा जाएगा. गुकेश ने तीन गेम (गेम 3, 11 और 14) जीते और इन जीतों से ही 6 लाख डॉलर (लगभग 5.04 करोड़ रुपये) कमाए, जबकि डिंग ने गेम 1 और 12 जीतकर 4 लाख डॉलर (3.36 करोड़ रुपये) कमाए. शेष 1.5 मिलियन डॉलर दोनों खिलाड़ियों के बीच बराबर-बराबर बंटे. कुल मिलाकर, गुकेश ने 1.35 मिलियन डॉलर (लगभग 11.34 करोड़ रुपये) जीते.

D Gukesh: कैसे जीते गुकेश

13 गेम के बाद मैच 6.5-6.5 पर बराबरी पर था. FIDE के नियमों के अनुसार, शतरंज विश्व खिताब जीतने के लिए खिलाड़ी को 7.5 अंक हासिल करना होता है. ऐसा नहीं होने पर फैसला टाईब्रेकर में होता है. आखिरी गेम भी खेल बराबरी की ओर बढ़ रहा था, लेकिन तभी चीनी ग्रैंडमास्टर ने गलती कर दी और गुकेश को इतिहास रचने का मौका दे दिया.

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By AmleshNandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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