Wasim Akram Comment On Mohammad Siraj: भारत और इंग्लैंड के बीच खेली गई एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी का पांचवां और आखिरी टेस्ट क्रिकेट इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया. इस मुकाबले में मोहम्मद सिराज ने गेंदबाजी के दम पर ऐसा कारनामा कर दिखाया, जो न सिर्फ टीम इंडिया के लिए सीरीज बराबर कराने में अहम रहा, बल्कि उनके करियर का भी सबसे यादगार प्रदर्शन बन गया. सिराज ने सीरीज में कुल 23 विकेट झटके, जिसमें द ओवल टेस्ट में उनकी 9 विकेट की शानदार उपलब्धि भी शामिल रही. उनकी गेंदबाजी के आगे इंग्लैंड का मजबूत बल्लेबाजी क्रम ढह गया और भारत ने सिर्फ 6 रनों के मामूली अंतर से जीत दर्ज कर सीरीज 2-2 से बराबर की.
इस जीत में सिराज का योगदान इतना अहम था कि पूर्व पाकिस्तानी कप्तान वसीम अकरम से लेकर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व विकेटकीपर ब्रैड हैडिन तक ने उनकी जमकर तारीफ की. अकरम ने सिराज को ‘फाइटर’ करार दिया, वहीं हैडिन ने उन्हें भारतीय गेंदबाजी आक्रमण का असली लीडर बताया.
रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन और इतिहास में नाम
ओवल में मोहम्मद सिराज का प्रदर्शन कई मायनों में ऐतिहासिक रहा. वह इंग्लैंड के खिलाफ इस मैदान पर दूसरी पारी में पांच विकेट लेने वाले केवल आठवें विपक्षी गेंदबाज बने. उनसे पहले यह कारनामा आखिरी बार 1984 में वेस्टइंडीज के महान गेंदबाज माइकल होल्डिंग ने किया था. इसके अलावा, सिराज इंग्लैंड में एक टेस्ट सीरीज में 23 विकेट लेने वाले दूसरे भारतीय गेंदबाज भी बन गए हैं. उनसे पहले यह उपलब्धि जसप्रीत बुमराह ने 2021-22 में हासिल की थी.
पांच मैचों में करीब 186 ओवर फेंकने के बावजूद सिराज की ऊर्जा और जोश आखिरी दिन भी कम नहीं हुआ. वसीम अकरम ने कहा, “मैं जब क्रिकेट नहीं खेल रहा होता तो अक्सर मैच नहीं देखता, लेकिन इस टेस्ट का आखिरी दिन मैंने टीवी से नजरें नहीं हटाईं. सिराज के अंदर भूख और जुनून था, जो कमाल का था. आखिरी दिन भी वो पूरे दम से गेंदबाजी कर रहे थे, ये उनकी फिटनेस और मानसिक मजबूती का सबूत है.”
इस मैच में भारत को जीत के लिए आखिरी दिन इंग्लैंड के चार विकेट गिराने थे और मेजबान टीम को सिर्फ 35 रन चाहिए थे. सिराज ने इस मुश्किल परिस्थिति में जमीर स्मिथ, जैमी ओवरटन और गस एटकिंसन के विकेट लेकर भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाई. यह भारत की टेस्ट इतिहास में सबसे कम अंतर से (रनों के आधार पर) दर्ज की गई जीत भी बनी.
लीडर के तौर पर उभरे सिराज
ब्रैड हैडिन ने सिराज को लेकर कहा कि वह मुश्किल हालात में गेंद थामने से कभी पीछे नहीं हटते. हैडिन के मुताबिक, “सिराज को गेंदबाजी आक्रमण का नेतृत्व करना पसंद है. वो बड़े मौकों पर गेंद अपने हाथ में लेना चाहते हैं. हां, वो गलतियां करते हैं, लेकिन मौके से भागते नहीं हैं. ऐसे खिलाड़ी विपक्ष पर दबाव बनाने में माहिर होते हैं.”
आखिरी दिन का खेल शुरू होने से पहले वसीम अकरम ने भारत को 60% जीत की संभावना दी थी, लेकिन जैसे ही सिराज ने पहला ब्रेकथ्रू दिलाया, मैच का रुख पलट गया. क्रिस वोक्स की चोट और इंग्लैंड के निचले क्रम की कमजोरी को भांपते हुए सिराज ने पूरे जोश के साथ आक्रमण जारी रखा और भारत को ऐतिहासिक जीत दिला दी.
सिराज के इस प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह सिर्फ ‘सपोर्ट बॉलर’ नहीं, बल्कि टीम इंडिया के आक्रमण के अगुवा हैं. उनका यह फाइटर वाला जज्बा भारतीय क्रिकेट के लिए आने वाले सालों में बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है, खासकर तब जब टीम को विदेशी धरती पर जीत की तलाश हो.
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