India vs Pakistan Match Fight: भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट हमेशा से ही रोमांच, तनाव और जुनून का पर्याय रहा है. जब भी दोनों टीमों के बीच मैच होता है, तो सिर्फ मैदान पर नहीं बल्कि दर्शकों के दिलों में भी जंग छिड़ जाती है. 2010 एशिया कप का वह मैच भी कुछ ऐसा ही था, जिसमें रोमांच तो भरपूर था ही, लेकिन साथ ही खिलाड़ियों के बीच टकराव ने इसे और यादगार बना दिया था. गौतम गंभीर और पाकिस्तानी विकेटकीपर कामरान अकमल के बीच हुए विवाद ने उस मैच को आज भी चर्चा का हिस्सा बना रखा है.
गंभीर-अकमल की गर्मागर्मी
2010 एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए मुकाबले के दौरान गौतम गंभीर और कामरान अकमल के बीच विवाद देखने को मिला था. अकमल बार-बार अपील कर रहे थे, जिससे गंभीर परेशान हो गए. इसी दौरान मैदान पर दोनों के बीच शब्दों की जंग शुरू हो गई. मामला इतना बढ़ गया कि बल्लेबाजी कर रहे कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को बीच-बचाव के लिए आना पड़ा. इसके बाद अंपायर्स ने भी दखल देकर स्थिति को संभाला. हालांकि विवाद उस समय थम गया, लेकिन फैन्स के लिए यह घटना हमेशा यादगार बन गई.
अकमल ने की गंभीर की तारीफ
विवाद के काफी समय बाद कामरान अकमल ने इस घटना पर सफाई दी. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि गंभीर और उनके बीच गलतफहमी हो गई थी. अकमल के मुताबिक, गंभीर खुद से कुछ कह रहे थे लेकिन उन्हें लगा कि यह शब्द उनके लिए हैं. उन्होंने आगे कहा, “गंभीर अच्छे इंसान हैं. भारत-पाक मैचों में माहौल बहुत तनावपूर्ण रहता है और इसी वजह से बात बढ़ गई थी.” इस बयान से साफ हुआ कि दोनों खिलाड़ियों के बीच कोई निजी दुश्मनी नहीं थी, बल्कि यह महज मैदान पर हुए दबाव का नतीजा था.
मैच का रोमांचक नतीजा
उस मैच में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 49.3 ओवर में 267 रन बनाए थे. भारत की ओर से आशीष नेहरा और प्रवीण कुमार ने शानदार गेंदबाजी की और पाकिस्तान को बड़े स्कोर तक नहीं पहुंचने दिया. जवाब में भारत ने बेहद रोमांचक अंदाज में लक्ष्य का पीछा किया और 49.5 ओवर में 7 विकेट खोकर 268 रन बनाकर जीत दर्ज की. गौतम गंभीर ने 97 गेंदों में 83 रन की पारी खेली, जो टीम इंडिया की जीत की नींव साबित हुई. कप्तान एमएस धोनी ने भी 65 रनों का योगदान दिया. अंत में हरभजन सिंह ने विजयी छक्का जड़कर भारत को जीत दिलाई.
भारत-पाक मैच सिर्फ खेल नहीं, जुनून
भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मुकाबले महज खेल नहीं होते, बल्कि करोड़ों फैंस की धड़कनों से जुड़े होते हैं. 2010 का यह मैच इसका बेहतरीन उदाहरण था, जहां बल्लेबाजी, गेंदबाजी और खिलाड़ियों की भावनाओं ने मिलकर इसे खास बना दिया. गंभीर और अकमल का विवाद इस बात का सबूत है कि इन मैचों में दबाव इतना अधिक होता है कि अनुभवी खिलाड़ी भी अपना आपा खो बैठते हैं. हालांकि मैच के बाद दोनों खिलाड़ियों ने एक-दूसरे के लिए सम्मान जताया, जिसने इस खेल की खूबसूरती को और बढ़ा दिया.
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