सुपर-4 मैच से पहले मैदान पर मिलीं भारत-पाक टीमें, हैंडशेक विवाद के बाद साफ दिखी तल्खी

IND vs PAK: एशिया कप 2025 के छठवें मैच में भारत और पाकिस्तान के सामान्य मैच हुआ, लेकिन मुकाबले के बाद हैंडशेक विवाद ने जन्म ले लिया. इससे दोनों टीमों के बीच तल्खी का स्तर और भी बढ़ गया. पाकिस्तान ने तो एशिया कप से ही बाहर होने का फैसला किया था, लेकिन बाद में वह इससे पलट गया. इसी बीच दोनों टीमों की दुबई में मुलाकात हुई.

Asia Cup 2025- IND vs PAK: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के शीर्ष अधिकारी मंगलवार को अभ्यास सत्र शुरू करने और एशिया कप में बने रहने के मामले में इस्लामाबाद से अनुमति का इंतजार कर रहे थे, लेकिन उनकी टीम के खिलाड़ी यूएई के खिलाफ मैच की पूर्व संध्या पर खुश-मिजाज दिखने की कोशिश कर रहे थे. भारतीय खिलाड़ियों ने रविवार को पाकिस्तान को हराने के बाद पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों के प्रति सम्मान के रूप में पाकिस्तान के खिलाड़ियों से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया था . पीसीबी ने तब मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट को हटाने की मांग की थी. पीसीबी का आरोप था कि उन्होंने आईसीसी के नियमों का उल्लंघन किया है. उनकी इस मांग को हालांकि आईसीसी ने खरीज कर दिया था.

पीसीबी को आईसीसी से जो अस्वीकृति पत्र मिला, उस पर आईसीसी के महाप्रबंधक वसीम खान के हस्ताक्षर थे, जो पहले खुद पीसीबी के सीईओ रह चुके हैं. आईसीसी द्वारा पीसीबी की अपील को खारिज किए जाने के बाद पूरे दिन घटनाओं से भरा रहा. यह समझा जा रहा है कि पीसीबी अब भी आईसीसी को यह मनाने की कोशिश कर रहा है कि यूएई के खिलाफ मैच के लिए रिची रिचर्डसन को रेफरी नियुक्त किया जाए. इससे पीसीबी अध्यक्ष मोसिन नकवी की प्रतिष्ठा कुछ हद तक बच सकती है. वह इस समय शहबाज शरीफ सरकार में गृह मंत्री भी हैं.

एशिया कप से बाहर निकला पाक तो होगा करोड़ों का नुकसान

पाकिस्तानी मीडिया के एक वर्ग ने बताया कि नकवी की प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से निर्धारित मुलाकात मुख्यतः गृह मंत्रालय के मामलों को लेकर थी, न कि एशिया कप से हटने को लेकर. पाकिस्तान अगर टूर्नामेंट से हटता है, तो उसे लगभग 1.6 करोड़ अमेरिकी डॉलर (लगभग 130 करोड़ रुपये) का नुकसान होगा. यह उसके लिए एक बड़ा नुकसान है. यूएई के खिलाफ मैच से पहले शाम को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस निर्धारित थी, लेकिन पाकिस्तान टीम के ट्रेनिंग के लिए आने से लगभग डेढ़ घंटे पहले उसे रद्द कर दिया गया. पीसीबी से जुड़े एक सूत्र ने पीटीआई को बताया, ‘‘वे कोई बयान नहीं देना चाहते और बहिष्कार को लेकर किसी सवाल का सामना नहीं करना चाहते हैं.’’

हैंडशेक विवाद के बाद मिलीं दोनों टीमें

ऐसी अटकलें थीं कि शायद टीम ट्रेनिंग में हिस्सा नहीं लेगी, लेकिन खिलाड़ियों ने अभ्यास सत्र में भाग लिया, जबकि भारतीय टीम का कड़ा अभ्यास पहले ही अपने तीसरे घंटे में प्रवेश कर चुका था. दोनों टीमों के ट्रेनिंग सत्रों की तीव्रता ने ही बता दिया कि दोनों के बीच स्तर का फासला दिन-ब-दिन कितना बढ़ता जा रहा है. भारतीय टीम ने फिटनेस कोच एड्रियन ले रू की निगरानी में ब्रोंको रन जैसे फिटनेस अभ्यास किया तो वहीं पाकिस्तान की टीम ने एक छोटा और पुराना फुटबॉल पासिंग सत्र किया.

इस तरह के सत्र 15 साल पहले प्रचलन में थे. यह कहा जा सकता है कि टीम मैदान में हार और बाहर की उलझनों के बावजूद सहज दिखने की कोशिश कर रही थी लेकिन खिलाड़ियों की कोच के साथ बातचीत से उनके अंदर के मौजूद तनाव को महसूस किया जा सकता था. इन खिलाड़ियों के हावभाव पर भारतीय मीडिया की करीब से नजर थी. पाकिस्तान का कोई भी खिलाड़ी भारतीय नेट सत्र की तरफ नहीं गया.

सुपर 4 में भी हो सकता है इंडिया वर्सेज पाकिस्तान

आपको बता दें, पाकिस्तान आज, 17 सितंबर को यूएई के खिलाफ मैदान पर उतरेगा. उसे ग्रुप ए से सुपर 4 में पहुंचने के लिए इस मैच में जीत दर्ज करना आवश्यक होगा. वहीं भारत पहले ही पहले ही अगले चरण के लिए क्वालिफाई कर चुका है. भारत का अगला मैच 19 सितंबर को ओमान के खिलाफ होगा. ग्रुप ए का सुपर 4 मैच 21 सितंबर को होगा. इस मैच में भी भारत-पाकिस्तान के बीच मुकाबला हो सकता है, अगर पाकिस्तान यूएई को हराकर अगले स्टेज के लिए आगे बढ़ता है.

ये भी पढ़ें:-

माफी मांगने की बजाय सीनाजोरी पर उतरे मोहम्मद यूसुफ, सूर्या के बाद गाली मामले में इरफान को घसीटा

IND vs WI: भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज में चंद्रपॉल और अथानाजे की वेस्टइंडीज टीम में वापसी

‘उन्होंने मुस्कुराते हुए धोनी से कहा…’, जडेजा ने पीएम नरेंद्र मोदी से अपनी पहली मुलाकात को किया याद

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anant narayan shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >