BCCI ने बढ़ाई टीम इंडिया की जर्सी स्पॉन्सरशिप की दर, एक मैच से बोर्ड को होगी इतनी कमाई

BCCI increased Team India Jersey Sponsorship rate: सरकार द्वारा पारित ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन एवं विनियमन अधिनियम, 2025 के बाद बीसीसीआई ने भारतीय टीम के प्रमुख प्रायोजक ड्रीम 11 का अनुबंध रद्द कर दिया. नई दरें आगामी एशिया कप के बाद से प्रभावी होंगी. द्विपक्षीय मुकाबलों के मूल्यांकन में 10 प्रतिशत से अधिक और बहुपक्षीय मैचों में करीब तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

BCCI increased Team India Jersey Sponsorship Rate: भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी प्रायोजक दरें अब और महंगी हो गई हैं. बीसीसीआई ने नई दरें तय की हैं, जिसके अनुसार द्विपक्षीय श्रृंखला के लिए प्रति मैच 3.5 करोड़ रुपये और बहुपक्षीय टूर्नामेंट के लिए प्रति मैच 1.5 करोड़ रुपये देने होंगे. क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक, ये नई दरें आईसीसी और एसीसी (एशियाई क्रिकेट परिषद) द्वारा स्वीकृत और आयोजित प्रतियोगिताओं पर लागू होंगी. पहले द्विपक्षीय मैचों के लिए 3.17 करोड़ रुपये और बहुपक्षीय मैचों के लिए 1.12 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाता था. यानी मौजूदा दरों की तुलना में यह आंकड़ा थोड़ा अधिक है.यह बदलाव ऑनलाइन गेमिंग अधिनियम, 2025 लागू होने और ड्रीम 11 के जर्सी प्रायोजक के रूप में हटने के बाद हुआ है. 

सरकार द्वारा पारित ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन एवं विनियमन अधिनियम, 2025 के बाद बीसीसीआई ने भारतीय टीम के प्रमुख प्रायोजक ड्रीम 11 का अनुबंध रद्द कर दिया. नई दरें आगामी एशिया कप के बाद से प्रभावी होंगी. द्विपक्षीय मुकाबलों के मूल्यांकन में 10 प्रतिशत से अधिक और बहुपक्षीय मैचों में करीब तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इन दोनों श्रेणियों के बीच का अंतर मुख्यतः दृश्यता (विजिबिलिटी फैक्टर) के कारण है. द्विपक्षीय मैचों के दौरान प्रायोजकों को भारतीय जर्सी के सामने प्रमुख स्थान मिलता है, जबकि आईसीसी और एसीसी आयोजनों में ब्रांडिंग केवल बाजू (स्लीव्स) तक सीमित रहती है, जिससे उनका प्रचार-प्रसार अपेक्षाकृत कम होता है.

तीन वर्षों के लंबे समय के लिए होगा करार

नये प्रायोजन कार्यकाल के तहत अगले तीन वर्षों में लगभग 130 मैच शामिल होंगे, जिनमें 2026 टी20 विश्व कप और 2027 वनडे विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट भी होंगे. बीसीसीआई को अनुमान है कि इससे 400 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई हो सकती है और अंतिम आंकड़ा बोली के परिणाम के आधार पर और भी बढ़ सकता है. ड्रीम 11 के हटने के बाद बीसीसीआई ने भारतीय टीम के मुख्य प्रायोजक अधिकारों के लिए मंगलवार, 2 सितंबर को बोलियां आमंत्रित कीं. इसमें स्पष्ट रूप से कुछ कंपनियों की श्रेणियों पर प्रतिबंध लगाया गया है. 

बोली लगाने वाली कंपनियों पर रहेगा प्रतिबंध

बीसीसीआई ने स्पष्ट किया है कि बोली लगाने वाला (या उसके समूह की कोई भी कंपनी) भारत या दुनिया में कहीं भी ऑनलाइन मनी गेमिंग, सट्टेबाजी या जुआ से संबंधित क्रिप्टो और तंबाकू कंपनियों से संबंधित नहीं होना चाहिए. इसके अलावा, उसे भारत में किसी भी व्यक्ति को ऐसी सेवाएं प्रदान करने, विज्ञापन करने, या ऐसे किसी व्यक्ति में निवेश या स्वामित्व हित रखने की अनुमति भी नहीं होगी, ताकि मौजूदा प्रायोजकों से टकराव से बचा जा सके.

एशिया कप में बिना स्पॉन्सर के खेलेगी टीम इंडिया

बोली प्रक्रिया 16 सितंबर को निर्धारित है, इस स्थिति के कारण भारतीय टीम यूएई में 9 सितंबर से शुरू होने वाले एशिया कप में बिना किसी मुख्य प्रायोजक के खेलेगी, क्योंकि बोर्ड ने बोली जमा करने की अंतिम तारीख 16 सितंबर तय की है. गौरतलब है कि ड्रीम 11 ने हाल ही में ऑनलाइन गेमिंग अधिनियम, 2025 के चलते अपने वास्तविक धन से जुड़े ऑनलाइन गेम बंद कर दिए हैं. इस अधिनियम के तहत कोई भी व्यक्ति वास्तविक धन से जुड़े ऑनलाइन गेमिंग सेवाओं की पेशकश, सहायता, उकसाने या विज्ञापन में शामिल नहीं हो सकता.

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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