Teej 2025: हरियाली तीज और हरतालिका तीज, सजने-संवरने और व्रत में अंतर कैसा

Teej 2025: हरियाली तीज और हरतालिका तीज, दोनों ही नारी सौंदर्य, श्रद्धा और वैवाहिक प्रेम के पर्व हैं, लेकिन इनकी तिथि, व्रत की कठिनता और धार्मिक भावना में भिन्नता है. जानिए सजने-संवरने की परंपरा और व्रत की भावना में इन दोनों तीजों के बीच क्या खास अंतर है.

Teej 2025: हिंदू धर्म में तीज व्रत महिलाओं की आस्था, प्रेम और तप का प्रतीक माना जाता है.  इन व्रतों में खासतौर पर दो पर्व अत्यधिक लोकप्रिय हैं — हरियाली तीज और हरतालिका तीज.  हालांकि दोनों ही व्रत शिव-पार्वती से जुड़े हैं, फिर भी तिथि, उद्देश्य और विधियों के आधार पर इनमें कई अहम अंतर पाए जाते हैं.

मनाने की तिथि और मास

हरियाली तीज श्रावण शुक्ल पक्ष की तृतीया को आती है — जब चारों ओर हरियाली छाई होती है.  वहीं, हरतालिका तीज भाद्रपद शुक्ल तृतीया को मनाई जाती है और यह हरियाली तीज के कुछ सप्ताह बाद आती है.  दोनों व्रत अलग-अलग माह की तृतीया तिथि को मनाए जाते हैं.

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उद्देश्य और पूजा भाव

हरियाली तीज विवाहित महिलाओं द्वारा पति की लंबी उम्र और दांपत्य सुख के लिए रखा जाता है.  हरे वस्त्र, मेंहदी, गीत-संगीत और झूले इस पर्व की पहचान हैं.  इसके विपरीत, हरतालिका तीज व्रत का संबंध पार्वती जी की कठोर तपस्या से है.  यह व्रत अविवाहित कन्याएं अच्छे वर की प्राप्ति और विवाहित महिलाएं पति की आयुष्मान कामना के लिए करती हैं.

 व्रत की कठोरता में अंतर

हरियाली तीज को अत्यंत कठिन व्रत माना गया है.  इसमें निर्जला उपवास रखा जाता है, जिसमें दिन-रात न तो अन्न ग्रहण किया जाता है, न ही जल.  जबकि हरियाली तीज में कुछ स्थानों पर फलाहार या जल सेवन की अनुमति दी जाती है.  इस प्रकार तप और संयम की दृष्टि से हरतालिका तीज अधिक गहन मानी जाती है.

पूजा की परंपरा और कथा

हरियाली तीज में शिव-पार्वती की पूजा के साथ-साथ महिलाएं झूला झूलती हैं, लोकगीत गाती हैं और सज-धज कर उत्सव का आनंद लेती हैं.  वहीं हरतालिका तीज में पार्वती जी की तपस्या और शिव से उनके विवाह की कथा सुनने का विशेष विधान होता है.

हरियाली तीज 2025 कब है?

हरियाली तीज का पर्व 2025 में 27 जुलाई, रविवार को मनाया जाएगा.  हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि की शुरुआत 26 जुलाई को रात 10:41 बजे से होगी और यह तिथि 27 जुलाई रात 10:41 बजे तक रहेगी.  उदया तिथि के अनुसार व्रत और पर्व 27 जुलाई को रखा जाएगा.  इस दिन एक विशेष संयोग भी बन रहा है — रवि योग, जो 27 जुलाई शाम 4:23 बजे से शुरू होकर 28 जुलाई सुबह 5:40 बजे तक रहेगा.  मान्यता है कि रवि योग में किया गया व्रत और पूजन अत्यंत शुभ और फलदायक होता है.  हरियाली तीज विशेषकर सुहागिनों द्वारा पति की लंबी उम्र और वैवाहिक सुख-शांति के लिए रखा जाता है.

हरतालिका तीज 2025 कब है?

हरियाली तीज 2025 में 26 अगस्त, मंगलवार को मनाई जाएगी.  भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि का आरंभ 25 अगस्त को दोपहर 12:35 बजे होगा और इसका समापन 26 अगस्त को दोपहर 1:55 बजे होगा.  चूंकि तृतीया तिथि का उदयकाल 26 अगस्त को है, इसलिए व्रत इसी दिन रखा जाएगा.

हरतालिका तीज विशेष रूप से कन्याओं द्वारा उत्तम वर की प्राप्ति और विवाहित महिलाओं द्वारा पति की दीर्घायु के लिए रखा जाता है.  यह व्रत कठोर तपस्वी उपवास की श्रेणी में आता है, जिसमें जल ग्रहण तक नहीं किया जाता.

हरियाली तीज और हरतालिका तीज — दोनों ही नारी शक्ति, समर्पण और भक्ति का उत्सव हैं.  एक जहां प्रकृति की हरियाली और सौंदर्य का उत्सव है, वहीं दूसरी आत्मसंयम और दृढ़ संकल्प की मिसाल है.  उद्देश्य अलग हो सकते हैं, लेकिन श्रद्धा की गहराई दोनों व्रतों को विशेष बनाती है.

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लेखक के बारे में

Author: Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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