हिंदू नववर्ष में गुरु होंगे राजा और मंगल मंत्री, जानें नव वर्ष के शुरू होने की तिथि

Hindu Nav Varsh 2026: हिन्दू नववर्ष की शुरुआत चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से हो जाती है. हिन्दू नववर्ष की शुरुआत से ही चैत्र वसन्तीय श्री दुर्गा नवरात्रि की भी शुरुआत हो जाएगी.

Hindu Nav Varsh 2026: हर साल चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से हिन्दू नववर्ष की शुरुआत हो जाती है. इस वर्ष 19 मार्च 2026 में जिस विक्रम सम्वत् की शुरुआत होगी वह विक्रम सम्वत् 2083 है. जिसे रौद्र नामक सम्वत्सर  के नाम से जाना जाएगा. हिन्दू नववर्ष की शुरुआत से ही चैत्र वसन्तीय श्री दुर्गा नवरात्रि शुरू हो जाएगी. इस दिन महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में गुड़ी पाड़वा का पर्व भी मनाया जाएगा. यानी यह दिन धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण होने वाला है. इसकी जानकारी आचार्य विनोद त्रिपाठी ने दी. उन्होंने कहा कि इस हिन्दू नववर्ष के राजा गुरु बृहस्पति और मन्त्री ग्रहों के सेनापति मंगल होंगे. अब जानते हैं कि इस साल हिन्दू नववर्ष की शुरुआत कब से हो रही है.   

मार्च में इस दिन से शुरू होगा हिन्दू नववर्ष

इस बार नववर्ष 19 मार्च (गुरुवार) से प्रारम्भ हो रहा है. बता दें कि हिन्दू नववर्ष में राजा और मंत्री उस वार के आधार पर निर्धारित किए जाते हैं, जिस दिन से नया सम्वत् शुरू होता है. ज्योतिषशास्त्र के अनुसार गुरुवार होने के कारण इस वर्ष के राजा गुरु बृहस्पति माने जायेंगे. जबकि मंत्री पद मंगल ग्रह को प्राप्त होगा. ग्रहों की ये स्थिति पूरे वर्ष के घटनाक्रम और वातावरण पर असर डालती है. हिन्दू कैलेंडर के अनुसार नव वर्ष विक्रम सम्वत् 2083 है और इसका नाम ‘रौद्र’ है. इस साल की शुरुआत उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में होगी. इसके अलावा हिन्दू नववर्ष के दिन शुक्ल योग में मीन लग्न होगा. रौद्र नाम से ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि आने वाले साल में भयंकर उथल-पुथल रहने वाली है.

कैसा रहेगा यह वर्ष?

इस नए हिन्दू नववर्ष में आपदा आने की संभावना है. शास्त्र के अनुसार, “रौद्र” सम्वत्सर में बरसात कम होगी. इस कारण अनाज के दामों में वृद्धि होगी. आग लगने की घटनाएं भी घट सकती हैं. इस नए वर्ष मं आपदाएं आयेंगी, राजनैतिक उथल-पुथल देखने को मिलेंगे और देशों के बीच हिंसा, विरोध और तनाव बढ़ेगा. हिन्दू मान्यताओं के अनुसार, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन सूर्योदय के वक्त ब्रह्माजी ने सृष्टि की रचना शुरू की थी. कहा जाता है कि इसी तिथि से सतयुग की शुरुआत हुई थी. बाद में सम्राट विक्रमादित्य ने अपने राज्य में इसी दिन से नए सम्वत्सर की गणना शुरू की थी और पंचांग को उनका ही नाम दिया गया है.

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By Rani Thakur

बंगाल की धरती पर एक दशक से अधिक समय तक समृद्ध पत्रकारिता अनुभव के साथ, रानी ठाकुर अब बिहार की धरती पर अपनी लेखनी से पहचान बना रही हैं. कोलकाता में कई राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित अखबारों के लिए रिपोर्टिंग और सब-एडिटिंग का अनुभव हासिल करने के बाद, वे अब प्रभात खबर के डिजिटल डेस्क से जुड़ी हैं, जहां वे लाइफ स्टाइल की खबरों के माध्यम से अपनी रचनात्मक सोच और पत्रकारिता कौशल को नई दिशा दे रही हैं.

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