मूलांक 8 वालों के लिए कौन से रत्न शुभ हैं और कौन से अशुभ

Numerology, Lucky Stone for Number 8: अंकज्योतिष में मूलांक 8 को शनि का अंक माना जाता है. शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए मूलांक 8 के व्यक्तियों को कुछ विशेष रत्न धारण करने की सलाह दी जाती है. यह माना जाता है कि इन रत्नों को पहनने से मूलांक 8 के लोगों पर शनिदेव की विशेष कृपा होती है, जिससे उनके जीवन के सभी क्षेत्रों में अपार सफलता प्राप्त होती है.

Numerology, Lucky Stone for Number 8: अगर आपका जन्म किसी भी महीने की 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, तो आपका मूलांक (Life Path Number) 8 बनता है. मूलांक 8 शनि ग्रह (Saturn) से जुड़ा होता है, और शनि एक कर्म प्रधान ग्रह है जो मेहनत, अनुशासन और न्याय का प्रतीक माना जाता है. जानिए मूलांक 8 वालों के लिए कौन से रत्न शुभ होते हैं, कौन से नहीं और किन उपायों से जीवन में संतुलन बना सकते हैं.

मूलांक 8 के लिए शुभ रत्न कौन है?

मूलांक 8 शनि ग्रह से प्रभावित होता है. शनि से संबंधित प्रमुख रत्न है नीलम (Blue Sapphire). यह शनि का रत्न है और मूलांक 8 के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है. इसे धारण करने से शनि की सकारात्मक ऊर्जा मिलती है. यह रत्न व्यक्ति को करियर में तरक्की, मानसिक संतुलन और आत्मविश्वास देता है. इसे धारण करने से अचानक लाभ मिल सकता है. कोर्ट-कचहरी, नौकरी और प्रमोशन में फायदा होता है. मानसिक तनाव और डिप्रेशन से राहत मिलती है.

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कैसे धारण करें: शनिवार के दिन, सूर्यास्त के बाद धारण करें. दाहिने हाथ की मिडल फिंगर (मध्यमा) में पहनें. पंचधातु या चांदी की अंगूठी में जड़वाएं. पहनने से पहले किसी ज्योतिषी से रत्न की परीक्षा करवाएं, क्योंकि नीलम बहुत तीव्र प्रभाव देता है.

मूलांक 8 के लिए अशुभ रत्न कौन सा है?

माणिक (Ruby): माणिक सूर्य से जुड़ा होता है और सूर्य व शनि के बीच शत्रुता मानी जाती है. इसे पहनने से शनि और सूर्य की ऊर्जा में टकराव होता है. इसका असर मूलांक 8 वालों पर नकारात्मक हो सकता है. घमंड, गुस्सा और स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं.

मूंगा (Coral): यह मंगल ग्रह का रत्न है, जो शनि से मेल नहीं खाता. इससे व्यक्ति में चिड़चिड़ापन, दुर्घटना और विवाद बढ़ सकते हैं.

उपाय और सलाह

नीलम पहनने से पहले 7 दिन तक ट्रायल करें (कपड़े के नीचे अंगूठी पहनें). यदि कोई नकारात्मक प्रभाव न हो, तब ही पहनें. हर शनिवार शनि देव को सरसों का तेल चढ़ाएं. सप्तमी और अमावस्या तिथि को गरीबों को काले कपड़े, काले तिल, और लोहे का दान करें. “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें. काले घोड़े की नाल से बनी अंगूठी भी लाभकारी होती है. मूलांक 8 वाले यदि सही रत्न धारण करें और शनि की पूजा व उपाय करें, तो जीवन में बड़ी सफलताएं पा सकते हैं. नीलम शुभ फल दे है, लेकिन किसी अनुभवी ज्योतिषी से सलाह लेकर ही धारण करें.

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Author: Shaurya Punj

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