Masik Shivratri 2026: 16 या 17 जनवरी, साल की पहली मासिक शिवरात्रि कब, जानिए तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Masik Shivratri 2026: : मासिक शिवरात्रि 2026 में कब है? जानिए पहली शिवरात्रि की तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त, शिव मंत्र और घर पर विधि-विधान से पूजा करने का सही तरीका.

Masik Shivratri 2026: 16 या 17 जनवरी, साल की पहली मासिक शिवरात्रि कब, जानिए तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Masik Shivratri 2026: भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए मासिक शिवरात्रि का व्रत अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है. यह व्रत हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को रखा जाता है. मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं, रुके हुए कार्य बनने लगते हैं और मन को शांति प्राप्त होती है. यही कारण है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु हर महीने मासिक शिवरात्रि का व्रत रखते हैं.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भक्त महाशिवरात्रि से मासिक शिवरात्रि का व्रत प्रारंभ कर पूरे एक वर्ष तक इसे श्रद्धा के साथ निभाते हैं, उन्हें भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है. पंचांग में शिवरात्रि को शिव और शक्ति के मिलन का पर्व माना गया है. यह दिन केवल उपवास तक सीमित नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा को जीवन में उतारने का अवसर भी है. ऐसा कहा जाता है कि सच्चे मन से की गई शिव आराधना से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं.

2026 की पहली मासिक शिवरात्रि कब है?

धार्मिक पंचांग के अनुसार, माघ महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 16 जनवरी 2026 की रात 10:21 बजे से शुरू होकर 18 जनवरी की रात 12:03 बजे तक रहेगी. तिथि के आधार पर साल 2026 की पहली मासिक शिवरात्रि का व्रत शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 को रखा जाएगा.

मासिक शिवरात्रि पूजा का शुभ मुहूर्त

मासिक शिवरात्रि पर पूजा का विशेष महत्व देर रात के समय माना गया है.
पूजा का शुभ मुहूर्त: रात 12:04 बजे से 12:58 बजे तक

मासिक शिवरात्रि पर जपने योग्य मंत्र

इस पावन दिन शिव मंत्रों का जाप विशेष फलदायी माना जाता है. श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं—

  • ॐ नमः शिवाय
  • ॐ त्र्यम्बकं यजामहे
  • ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि
  • ॐ नमो भगवते रुद्राय
  • ॐ शंभ सदाशिव नमो नमः
  • ॐ पशुपतये नमः

घर पर ऐसे करें मासिक शिवरात्रि की पूजा

  • पूजा स्थान को साफ करें और भगवान शिव-पार्वती की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें
  • शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, दही और शहद से अभिषेक करें
  • बेलपत्र, सफेद फूल और चंदन अर्पित करें
  • फल और सफेद मिठाई का भोग लगाएँ
  • घी का दीपक जलाकर मंत्र जाप करें
  • अंत में शिव आरती करें
  • पूजा के बाद जरूरतमंदों को अन्न या दान दें

मासिक शिवरात्रि का महत्व

मासिक शिवरात्रि केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि संयम, श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है. मान्यता है कि इस दिन शिव भक्ति से मन शांत होता है और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं. यही कारण है कि शिव भक्त हर महीने इस दिन का श्रद्धा और विश्वास के साथ इंतजार करते हैं.

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
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लेखक के बारे में

Published by: Shaurya punj

मैं धर्म, ज्योतिष और आध्यात्मिक विषयों पर लेखन में विशेषज्ञता रखता हूं. हस्तरेखा शास्त्र, राशिफल, ग्रह-नक्षत्र, धार्मिक परंपराओं और पौराणिक कथाओं से जुड़े विषयों पर मेरी विशेष रुचि और गहरी समझ है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. धर्म और ज्योतिष के अलावा एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी लगातार लेखन करता रहा हूं. मेरी कोशिश रहती है कि जटिल विषयों को आसान, रोचक और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाया जाए.

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