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Chhath Puja Mantra and Aarti: सूर्यदेव को अर्घ्य देते समय पढ़ें ये सूर्य मंत्र और छठी मैय्या की आरती

आज देश के कई हिस्सों में छठ पर्व मनाया जा रहा है. चार दिवसीय इस पर्व की शुरुआत 8 नवंबर से हुई थी, जो कि 11 नवंबर को संपन्न होगा. यहां पढ़ें सूर्य स्तोत्र, सूर्य चालीसा, सूर्यदेव की आरती, भगवान सूर्य के मंत्र, सूर्यदेव की स्तुति सबकुछ एक ही स्थान पर-

By Prabhat khabar Digital
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Chhath Puja Mantra and Aart
Chhath Puja Mantra and Aart
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आज कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को देश के कई हिस्सों में छठ पर्व मनाया जा रहा है. चार दिवसीय इस पर्व की शुरुआत 8 नवंबर से हुई थी, जो कि 11 नवंबर को संपन्न होगा. आज 10 नवंबर को शाम के समय ढलते सूरज को अर्घ्य दिया जाएगा और 11 नवंबर की सुबह उगते सूरज को अर्घ्य के साथ छठ पर्व का समापन होगा. यहां पढ़ें सूर्य स्तोत्र, सूर्य चालीसा, सूर्यदेव की आरती, भगवान सूर्य के मंत्र, सूर्यदेव की स्तुति सबकुछ एक ही स्थान पर-

सूर्य स्तोत्र- Surya Stotram

विकर्तनो विवस्वांश्च मार्तण्डो भास्करो रविः।

लोक प्रकाशकः श्री मांल्लोक चक्षुर्मुहेश्वरः॥

लोकसाक्षी त्रिलोकेशः कर्ता हर्ता तमिस्रहा।

तपनस्तापनश्चैव शुचिः सप्ताश्ववाहनः॥

गभस्तिहस्तो ब्रह्मा च सर्वदेवनमस्कृतः।

एकविंशतिरित्येष स्तव इष्टः सदा रवेः॥

Surya aarti सूर्यदेव की आरती-

ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान।

जगत् के नेत्रस्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा।

धरत सब ही तव ध्यान, ॐ जय सूर्य भगवान।।

।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।

सारथी अरुण हैं प्रभु तुम, श्वेत कमलधारी। तुम चार भुजाधारी।।

अश्व हैं सात तुम्हारे, कोटि किरण पसारे। तुम हो देव महान।।

।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।

ऊषाकाल में जब तुम, उदयाचल आते। सब तब दर्शन पाते।।

फैलाते उजियारा, जागता तब जग सारा। करे सब तब गुणगान।।

।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।

संध्या में भुवनेश्वर अस्ताचल जाते। गोधन तब घर आते।।

गोधूलि बेला में, हर घर हर आंगन में। हो तव महिमा गान।।

।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।

देव-दनुज नर-नारी, ऋषि-मुनिवर भजते। आदित्य हृदय जपते।।

स्तोत्र ये मंगलकारी, इसकी है रचना न्यारी। दे नव जीवनदान।।

।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।

तुम हो त्रिकाल रचयिता, तुम जग के आधार। महिमा तब अपरम्पार।।

प्राणों का सिंचन करके भक्तों को अपने देते। बल, बुद्धि और ज्ञान।।

।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।

भूचर जलचर खेचर, सबके हों प्राण तुम्हीं। सब जीवों के प्राण तुम्हीं।।

वेद-पुराण बखाने, धर्म सभी तुम्हें माने। तुम ही सर्वशक्तिमान।।

।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।

पूजन करतीं दिशाएं, पूजे दश दिक्पाल। तुम भुवनों के प्रतिपाल।।

ऋतुएं तुम्हारी दासी, तुम शाश्वत अविनाशी। शुभकारी अंशुमान।।

।।ॐ जय सूर्य भगवान...।।

ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान।

जगत् के नेत्रस्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा।स्वरूपा।।

धरत सब ही तव ध्यान, ॐ जय सूर्य भगवान।।

सूर्य मंत्र- Sun Mantras

- ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः।

- ॐ सूर्याय नम:।

- ॐ घृणि सूर्याय नम:।

- ॐ घृ‍णिं सूर्य्य: आदित्य:

- ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा।।

- ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घय दिवाकर:।

- ॐ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्यः क्लीं ॐ।

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