Jharkhand Contract Employees : पांच लाख परिवारों के सपनों में पीएफ की उम्मीदों के बादल? बरसेंगे या बिजलियां गिराएंगे

झारखंड में मनरेगा कर्मचारियों और पारा शिक्षकों के बाद क्या बाकी पांच लाख अनुबंधकर्मियों को भी मिलेगा पीएफ…

Jharkhand Contract Employees Pf : विधानसभा चुनाव से पहले हेमंत सरकार रेस है. लोकलुभावन घोषणाओं की झड़ी लगा रखी है. चुनावी साल में एक से बढ़कर एक  घोषणाएं अलग-अलग वर्गों का वोट लुभाने के लिए की जा रही है.

झारखंड सरकार में सालों से अनुबंध पर काम कर रहे पांच लाख कर्मचारियों को भी आशा है कि चुनाव की घोषणा से पहले हेमंत सरकार उन्हें भी पीएफ(प्रॉविडेंट फंड यानी भविष्य निधि) से जोड़ने की घोषणा कर सकती है. 

Jharkhand Contract Employees Pf : यूं ही नहीं बांध रखी है आशा

झारखंड सरकार के अनुबंधकर्मियों ने भविष्य निधि से जोड़े जाने की आशा यूं ही नहीं बांध रखी है. झारखंड के पांच हजार मनरेगाकर्मियों को पहले से पीएफ की सुविधा मिली हुई है. 

अभी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के 65 हजार पारा शिक्षकों को भविष्य निधि से जोड़े जाने की घोषणा की है. मुख्यमंत्री ने केवल घोषणा ही नहीं की है, मंत्रिमंडलीय संकल्प भी पारित करा दिया है. 

हेमंत सरकार के इन दो फैसलों ने बाकी अनुबंधकर्मियों की भी उम्मीदें बांध दी है. उन्हें भी लगने लगा है कि उनके और उनके परिवारजनों के वोट के लिए हेमंत सरकार सबको एकसाथ पीएफ देने की घोषणा कर सकती है. 

Jharkhand Contract Employees Pf : किस विभाग में कैसी चल रही है तैयारी 

स्वास्थ्य विभाग में नेशनल हेल्थ मिशन के तहत लगभग 90 हजार कर्मचारी अनुबंध पर काम कर रहे हैं. अभी हाल ही में स्वास्थ्य विभाग ने भविष्य निधि आयुक्त से इन कर्मचारियों को पीएफ से जोड़ने की प्रक्रिया और इस पर होने वाले खर्च के बारे में राय मशविरा किया है. 

स्वास्थ्य विभाग और भविष्य निधि आयुक्तालय से जुड़े लोगों ने अनौपचारिक बातचीत में कर्मचारी नेताओं को इसके संकेत दिए हैं. इसके अलावा कई और विभागों में भी इस तरह की कवायद चलने की बात कही जा रही है. इसमें सुप्रीम कोर्ट के एक पुराने फैसले का भी हवाला दिया जा रहा है. 

Jharkhand Contract Employees Pf : पीएफ कमिश्नर बार-बार दे रहे अल्टीमेटम 

ऐसा नहीं है कि हेमंत सरकार अनुबंधकर्मियों को पीएफ देने के लिए केवल चुनावी घोषणा कर रही है, बल्कि भविष्य निधि कार्यालय की ओर से भी राज्य सरकार के अलग-अलग विभागों को बार-बार अल्टीमेटम दिया जा रहा है. 

हाल ही में भविष्य निधि आयुक्त रणधीर कुमार ने झारखंड राज्य शिक्षा परियोजना के परियोजना निदेशक को पत्र भेजकर पारा शिक्षकों को सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं के नहीं मिलने पर चिंता जाहिर की थी. उन्होंने मुख्य सचिव की राज्य सरकार के विभिन्न विभागों को भेजे गए एक पत्र का हवाला भी दिया था.

Jharkhand Contract Employees Pf : अनुबंधकर्मियों को पीएफ के साथ उठ रहे विवाद भी 

झारखंड राज्य अनुबंध कर्मचारी महासंघ के केंद्रीय अध्यक्ष विक्रांत ज्योति प्रभात खबर से बातचीत में कहते हैं कि भविष्य निधि कानून के तहत अनुबंध पर काम कर रहे हर कर्मचारी को भविष्य निधि की सुविधा का अधिकार है. लगभग पांच लाख अनुबंधकर्मियों को इसके लाभ से वंचित किया जा रहा है.

जिन अनुबंधकर्मियों के लिए पीएफ की घोषणा की भी गई है, उनके लिए प्रावधान अलग-अलग कर दिए गए हैं. जैसे मनरेगाकर्मियों को पूरे मानदेय पर सरकार पीएफ में 13 फीसदी का योगदान दे रही है और कर्मचारियों से 12 फीसदी अंशदान काट रही है. 

वहीं पारा शिक्षकों के मामले में पूरे मानदेय की जगह केवल 15 हजार मानदेय मानकर सरकार और कर्मचारी के अंशदान की घोषणा की गई है. 

इससे पारा शिक्षकों को उनकी पूरी सेवा अवधि में लगभग 15 लाख रुपये का नुकसान है. इस तरह नहीं होना चाहिए. इसमें एकरूपता होनी चाहिए. हालांकि, प्रभात खबर को जानकारी के मुताबिक भविष्य निधि आयुक्त को इसमें कोई आपत्ति नहीं है.

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Published by: Mukesh balyogi

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