भारत और रूस को हमने खो दिया, बौखलाहट में ट्रंप का बड़ा बयान; चीन को बताया Deepest- Darkest

Donald Trump : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति ने विश्व में शक्ति संतुलन को बिलकुल हिलाकर रख दिया है. ऐसे समीकरण बनते दिख रहे हैं, जो कल्पनाओं से परे प्रतीत होते हैं. खासकर भारत, रूस और चीन की तिकड़ी ने अमेरिका को बहुत परेशान कर दिया है. इसी परेशानी में ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट लिखकर तूफान खड़ा कर दिया है. इस पोस्ट के जरिए ट्रंप संकेत क्या देना चाहते हैं, इसकी चर्चा शुरू हो गई है, हालांकि भारत की ओर से इसपर कोई अधिकारिक बयान अभी नहीं आया है.

Donald Trump : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने SCO समिट के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखकर कहा है कि हमने भारत और रूस को डीपएस्ट, डार्केस्ट चीन के हाथों खो दिया. उनका यह बयान उस वक्त आया है, जब एससीओ समिट के दौरान पीएम मोदी, रूस के राष्ट्रपति पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच गर्मजोशी दिखी. भारत और चीन ने तो एक तरह से रिश्तों की नई शुरुआत करने का ही संकेत दिया. यह सबकुछ तब हुआ, जब अमेरिका ने भारत से आयातित सामानों पर 50% टैरिफ लगा दिया है. यह टैरिफ डोनाल्ड ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति के तहत लगाई गई है. ट्रंप ने शुक्रवार को ट्रूथ सोशल मीडिया पर जो पोस्ट लिखा है उसकी भाषा बहुत तल्ख है. यहां यह समझने की जरूरत है कि आखिर ट्रंप ने ऐसा पोस्ट क्यों लिखा और इसका भारत–अमेरिका संबंध पर क्या प्रभाव दिखेगा.

चीन को अमेरिका ने कहा –Deepest, Darkest China

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप, वैश्विक व्यापार के क्षेत्र में जबसे ‘अमेरिका फर्स्ट’ की नीति को लेकर आएं हैं, पूरी दुनिया का आर्थिक और राजनीतिक समीकरण बदल गया है. ट्रंप ने भारत पर 50% टैरिफ इसलिए लगा दिया है क्योंकि उन्हें ऐसा लगता है कि भारत रूस से जो तेल खरीदता है, उसी पैसे से रूस, यूक्रेन के साथ युद्ध जारी रख पा रहा है. 50% टैरिफ की वजह से भारत अपने निर्यात को दूसरे देशों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहा है और इसी बीच एससीओ समिट हुआ, जहां उसने चीन के साथ अपने संबंधों को सुधारने की पहल की है. समिट में जब चीन, रूस और भारत एक साथ आए, तो पूरी दुनिया की नजरें टिक गई, क्योंकि यह समीकरण विश्व का नया चेहरा पेश कर रहा था. एससीओ समिट के बाद अब ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट किया है, जिसमें उसने एक तीर से कई निशाने लगाने की कोशिश की है. उसने सबसे पहला वार चीन पर किया है. चीन के लिए Deepest, Darkest China शब्द में से Deepest, Darkest अंग्रेजी के एक प्रचलित मुहावरे का अंश है, जिसका अर्थ है रहस्यमयी ताकत, खतरनाक ताकत या फिर ऐसी शक्ति जो अनकही है, अज्ञात है. यह चीन पर बड़ा हमला है, यह एक तरह से चीन–अमेरिका ध्रुवीकरण को बता रहा है.

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भारत पर दबाव बनाने की कोशिश

पुतिन, जिनपिंग और पीएम मोदी

अमेरिका ने जिस प्रकार सोशल मीडिया पोस्ट लिखा है, वो एक तरह से भारत पर दबाव बनाने की कोशिश है कि वो चीन से दूर रहे. ट्रंप इस कोशिश में हैं कि भारत, अमेरिका के साथ खड़ा हो ना कि वो चीन के साथ चला जाए. भारत पर अमेरिकी टैरिफ के बाद जिस तरह भारत, रूस और चीन के संबंध दिख रहे हैं, उसमें अमेरिका को यह चिंता सता रही है कि कहीं भारत, चीन की ओर ना चला जाए. हालांकि भारत ऐसा करेगा नहीं, भारत की नीति हमेशा गुटनिरपेक्षता की रही है, यानी भारत सबके साथ संबंध का पक्षधर है वो किसी खास गुट में नहीं रहता है. रूस के साथ भारत के संबंध जगजाहिर हैं, लेकिन चीन के साथ सीमा विवाद के बाद भी भारत जिस तरह चीन के साथ अपने संबंध विकसित कर रहा है, वो अमेरिका की बेचैनी को बढ़ा रहा है.

ट्रंप के पोस्ट ने रूस–चीन की मित्रता को पुख्ता किया

रूस ने पिछले कुछ समय में चीन पर अपनी निर्भरता कई चीजों में बढ़ा दी है. खासकर आर्थिक और सैन्य मामलों में दोनों काफी नजदीक आ चुके हैं. नाटो के साथ रूस के तीखे संबंध पहले ही यह बता चुके हैं कि रूस पश्चिमी देशों के साथ नहीं है और ऐसे में यह सच है कि रूस–चीन की मित्रता विश्व में एक अलग ध्रुव बना रही है.

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लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

राजनीति,सामाजिक, इतिहास, खेल और महिला संबंधी विषयों पर गहन लेखन किया है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में रुचि. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक. IM4Change, झारखंड सरकार तथा सेव द चिल्ड्रन के फेलो के रूप में कार्य किया है. पत्रकारिता के प्रति जुनून है. प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव.

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