Dhurandhar: कौन हैं मेजर मोहित शर्मा और चौधरी असलम खान , जिनके जीवन से प्रेरित है मूवी धुरंधर ?

Dhurandhar : भारत- पाकिस्तान संबंध, अंडरकवर ऑपरेशन और आतंकवादी घटनाओं की पृष्ठभूमि पर जब भी फिल्म बनाई जाती है, तो भारत में वह मूवी चर्चा में रहती है और आम आदमी उसे बहुत पसंद भी करता है. ऐसी ही एक फिल्म आई है धुरंधर, जिसके बारे में यह कहा जा रहा है कि यह फिल्म 1999 के प्लेन हाईजैक, 2001 के संसद पर हमले आदि से जुड़ी है. मेजर मोहित शर्मा के जीवन से प्रेरित मूवी धुरंधर, बाॅक्सआॅफिस पर कमाल कर सकती है.

Dhurandhar : धुरंधर मूवी आज ही सिनेमा घरों में रिलीज हुई है और ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि यह फिल्म बाॅलीवुड में एक नया ट्रेंड लेकर आ सकती है. बाॅलीवुड की यह काफी लंबी फिल्म है और इस फिल्म को इस साल की सबसे लंबी मूवी माना जा रहा है. फिल्म 3 घंटा 34 मिनट की बताई जा रही है. इस फिल्म की सबसे खास बात यह है कि इस फिल्म को भारत और पाकिस्तान के खुफिया एजेंसी RAW vs ISI से जोड़कर देखा जा रहा है और यहां कई गुप्त ऑपरेशन भी दिखाए गए हैं, जिसकी वजह से इसमें आम लोगों की रुचि बढ़ सकती है.

इस फिल्म में जिस तरह अंडरकवर ऑपरेशन को दिखाया गया है, उससे भारत में भी खुफिया ऑपरेशन को आधार बनाकर फिल्में बनाने का ट्रेंड शुरू हो सकता है, जैसा कि हाॅ लीवुड की फिल्मों में होता है. विवाद को अगर दरकिनार कर दें, तो इस फिल्म के दोनों किरदार हीरो रणवीर सिंह और विलेन संजय दत्त दोनों का ही किरदार दर्शकों को पसंद आ सकता है.

हालांकि दोनों ही किरदार पर आपत्तियां आईं हैं और मामला कोर्ट तक भी गया है. दरअसल रणवीर सिंह जो किरदार निभा रहे हैं उसके बारे में यह कहा जा रहा है कि वह अशोक चक्र विजेता मेजर मोहित शर्मा से प्रभावित है. उनके परिजनों ने इसके विरोध में कोर्ट का रुख भी किया. हालांकि फिल्म के निर्देशक आदित्य धर का कहना है कि फिल्म सच्ची घटनाओं से प्रेरित जरूर है, लेकिन यह किसी व्यक्ति का बायोपिक नहीं है, तो आइए जानते हैं रियल लाइफ उन किरदारों को जिनके जीवन से प्रेरित होकर धुरंधर मूवी बनाई गई है.

कौन हैं मेजर मोहित शर्मा जिनके जीवन से प्रेरित है धुरंधर मूवी?

मेजर मोहित शर्मा भारतीय सेना के अधिकारी थे. वे स्पेशल फोर्स 1पैरा के अधिकारी थे. उनके बारे में यह कहा जाता है कि उन्होंने एक कश्मीर युवक इफ्तिकार भट्ट बनकर हिजबुल मुजाहिद्दीन जैसे आतंकवादी संगठन में घुसपैठ की और कई आतंकवादियों को मारा था. 2009 में जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ मुहिम में वे शहीद हो गए थे. उन्होंने अशोक चक्र से सम्मानित किया गया है. मेजर मोहित शर्मा के बारे में यह भी कहा जाता है कि उन्होंने पाकिस्तान में घुसकर कई अंडरकवर ऑपरेशन चलाए और आतंकवादियों को मारा. उनके परिजनों ने इस बात को लेकर आपत्ति जताई थी कि उनसे बिना अनुमति लिए मेजर मोहित शर्मा के जीवन पर फिल्म कैसे बनाई जा सकती है, हालांकि फिल्म के निर्देशक ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह एक फिक्शन स्टोरी है, जो सच्ची घटनाओं से प्रेरित है, लेकिन इसे किसी की बाॅयोपिक नहीं कहा जा सकता है. फिल्म में रणवीर सिंह का गेटअप भी उसी तरह का है, जिस तरह का मेजर मोहित शर्मा अंडरकवर ऑपरेशन के दौरान रखते थे.

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कौन है चौधरी असलम खान, जिसका रोल निभा रहे हैं संजय दत्त?

धुरंधर मूवी में संजय दत्त

धुरंधर मूवी के विलेन संजय दत्त, फिल्म में एक ऐसा कैरेक्टर निभा रहे हैं, जिसे पाकिस्तान के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट चौधरी असलम खान से प्रेरित बताया जा रहा है.फिल्म के ट्रेलर पर पाकिस्तान में भी विरोध होने की बात सामने आई है, क्योंकि असलम खान एक पुलिस अधिकारी थे और फिल्म में उनको लेकर अपमानजनक डाॅयलाॅग होने की बात कही जा रही है. चौधरी असलम खान कराची पुलिस के अधिकारी थे. जिनके बारे में यह कहा जाता है कि उन्होंने अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाया था और कइयों का एनकाउंटर भी किया था. असलम खान की मौत एक बम विस्फोट के दौरान हुई थी और उसके बारे में यह कहा जाता है कि वह आईएसआई का एजेंट था.

RAW vs ISI का क्या है सच?

RAW और ISI भारत और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियां हैं. भारत और पाकिस्तान के संबंध जिस तरह के रहे हैं उसकी वजह से दोनों ही खुफिया एजेंसियां अकसर आमने-सामने आ जाती हैं. भारत के विभाजन के बाद पाकिस्तान का निर्माण हुआ, निर्माण के समय से ही पाकिस्तान कश्मीर पर कुदृष्टि बनाए हुए और इस कोशिश में रहता है कि किसी तरह कश्मीर को भारत से अलग कर दें. इसी कोशिश की वजह से पाकिस्तान, भारत के खिलाफ युद्ध लड़ता है, आतंकवादी गतिविधि को अंजाम देता है और जासूसी करवाता है. भारत की सुरक्षा को लेकर राॅ हमेशा सक्रिया रहता है इसलिए उसका सामना आईएसआई के एजेंटों से होता रहता है.

क्या धुरंधर मूवी सच्ची घटनाओं से प्रेरित होकर बनाई गई है?

हां, 1999 के विमान हाईजैक और 2001 के संसद पर हमले से प्रेरित होकर यह फिल्म बनाई गई है.

क्या धुरंधर पाकिस्तान में बेस्ड मूवी है?

हां, धुरंधर मूवी को पाकिस्तान में ही दिखाया गया है, क्योंकि हीरो पाकिस्तान में ही अपने गुप्त ऑपरेशन चलाता है.

कौन हैं मेजर मोहित शर्मा?

मेजर मोहित शर्मा भारतीय सेना के अधिकारी थे, जिन्होंने कई गुप्त ऑपरेशन चलाए और 2009 में आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए शहीद हुए.

पाकिस्तानी बाॅलीवुड को क्या कहा जाता है?

पाकिस्तान में बाॅलीवुड को लाॅलीवुड कहा जाता है.

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By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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