ranchi

  • Dec 11 2019 6:53AM
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झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 : इवीएम में नीला बटन दबायें, आयेगी बीप की आवाज, तो समझें हो गया मतदान

झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 : इवीएम में नीला बटन दबायें, आयेगी बीप की आवाज, तो समझें हो गया मतदान
इवीएम पर क्षेत्र के सभी प्रत्याशियों के नाम, दल और चुनाव चिह्न से संबंधित बैलेट पेपर चिपका रहता है. मतदाता को अपनी पसंद के अभ्यर्थी और उसके प्रतीक के सामने का नीला बटन दबाना होगा. बटन दबाने के साथ ही प्रतीक के बायीं ओर की एक छोटी सी लाल बत्ती चमक उठती है और साथ ही एक लंबी बीप (सीटी) की आवाज सुनायी पड़ती है. बीप की आवाज का मतलब है कि मतदाता का वोट दर्ज कर लिया गया है. 
 
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वीवी पैट पर देख सकेंगे वोट 
 
सभी इवीएम मशीनों के साथ वीवी पैट भी लगाये जायेंगे. इवीएम में वोट डालने के साथ ही लगाये गये वीवीपैट में सात सेकेंड तक एक पर्ची दिखेगी. पर्ची पर डाले गये वोट के अनुसार कैंडिडेट के चुनाव चिह्न व नाम दिखायी देगा. अगर किसी कारण से वीवीपैट में पर्ची  डिस्प्ले न हो या गलत डिस्प्ले हो तो पीठासीन पदाधिकारी के पास इसको लेकर  चुनौती दी जा सकती है. यदि दावा सही पाया गया तो चुनाव प्रक्रिया तत्काल  रोक दी जायेगी, जबकि दावा गलत होने पर शिकायतकर्ता के खिलाफ कार्रवाई का  प्रावधान है. 
 
अगर किसी वोटर का वोट दूसरे व्यक्ति ने जालसाजी कर डाल दिया हो, तो वह वोटर अपना वोट दे सकता है. मतदान केेंद्र पर तैनात पीठासीन पदाधिकारी को संपर्क कर तुरंत शिकायत दर्ज करायें. पीठासीन पदाधिकारी वोटर को वोट दिलाने की तत्काल व्यवस्था करेंगे.
 
अगर इवीएम हो खराब 
 
अगर किसी बूथ पर इवीएम खराब हो गया हो, तो मतदाताओं को इसकी सूचना तुरंत पीठासीन पदाधिकारी को देनी चाहिए. पीठासीन पदाधिकारी से संपर्क न होने की स्थिति में जिला निर्वाची पदाधिकारी को भी शिकायत की जा सकती है. शिकायत मिलने पर तुरंत इवीएम बदलने की व्यवस्था चुनाव आयोग द्वारा की जाती है. इवीएम का बदलाव सुनिश्चित करने का जिम्मा उपायुक्त सह जिला निर्वाची पदाधिकारी का होता है. 
 
अगर ना देना हो किसी को वोट
 
अगर किसी वोटर को कोई भी प्रत्याशी योग्य न लगता हो, तो वो किसी को भी वोट देने से इंकार कर सकता है. उस परिस्थिति में वोटर पीठासीन पदाधिकारी को अपना पहचान पत्र दिखा कर फार्म 17ए में अपनी बात दर्ज करने की मांग कर सकता है. पीठासीन पदाधिकारी वोटर की अंगुली पर निशान लगाकर फार्म 17ए पर नाम अंकित कर उनका मंतव्य और हस्ताक्षर लेकर प्रक्रिया पूरी करेंगे.
 
कहां करें शिकायत
 
मतगणना में किसी भी तरह की गड़बड़ी होने पर चुनाव आयोग से शिकायत की जा सकती है. शिकायत करने के लिए आयोग के टोल फ्री नंबर 1950 पर संपर्क किया जा सकता है. इस नंबर पर संबंधित स्थान का एसटीडी कोड लगा कर भी यह नंबर डायल किया जा सकता है. 
उदाहरण के लिए रांची में मतदान में गड़बड़ी की शिकायत करने के लिए एसटीडी कोड के साथ 06511950 पर फोन किया जा सकता है. आम लोग अपने मोबाइल पर सी-विजिल ऐप डाउनलोड कर तसवीर के साथ शिकायत दर्ज करा सकते हैं. स्थानीय उपायुक्त या पीठासीन पदाधिकारी को भी फोन पर या सीधे मिल कर शिकायत कर सकते हैं. 
 
अगर न हो मतदाता पहचान पत्र
 
अगर वोटर के पास मतदाता पहचान पत्र न हो, तो वह आधार कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, बैंकों व डाकघर की ओर से जारी किया गया फोटोयुक्त पासबुक, फोटोयुक्त स्वतंत्रता सेनानी पहचान पत्र, अनुसूचित जाति/जनजाति/अन्य पिछडा वर्ग फोटोयुक्त पहचान पत्र, शारीरिक विकलांगता फोटोयुक्त प्रमाण पत्र, फोटोयुक्त शस्त्र अनुज्ञप्ति, नरेगा के अधीन जारी फोटोयुक्त जॉब कार्ड, फोटोयुक्त संपत्ति दस्तावेज, पेंशन दस्तावेज, राशन कार्ड, श्रम मंत्रालय की ओर से जारी फोटोयुक्त स्वास्थ्य बीमा योजना स्मार्ट कार्ड या फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र में से कोई भी एक चीज लेकर अपनी पहचान करा वोट डाल सकता है. 
 
बूथ एप इस्तेमाल करें 
 
चुनाव आयोग ने मोबाइल एप बीईएमपी (बूथ इलेक्शन मैनेजमेंट प्लान) लांच किया है. गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध बूथ मोबाइल एेप के जरिये राज्य में नौ विधानसभा क्षेत्रों में बूथ ऐप (मोबाइल) के जरिये मतदाता मतदान केंद्रों पर भीड़ का पता लगा सकेंगे. जमशेदपुर पश्चिमी, जमशेदपुर पूर्वी, चाईबासा, रामगढ़, हजारीबाग,  रांची, देवघर, गांडेय, बोकारो और झरिया में इस एेप का उपयोग किया  जायेगा. 
 
बूथ ऐप के जरिये  मतदान के दिन मतदान केंद्रों में मतदान प्रतिशत की रियल  टाइम जानकारी ली जा सकेगी. यहां के पुरुष और महिला मतदाताओं की  संख्या का भी पता चलेगा. ऐप से मतदान केंद्रों में ही मतदाताओं की पहचान संभव होगी. वोटर्स टर्नआउट से  जुड़ा रियल टाइम डाटा भी ऐप पर उपलब्ध है. 
 
भीड़ होने पर मिलेगा मतदाता टोकन नंबर  
 
चुनाव आयोग ने इस बार चुनाव में मतदाताओं की सुविधा के लिए टोकन की सुविधा प्रदान की है. टोकन नंबर के हिसाब से अपना क्रम आने पर सुविधापूर्ण तरीके से  मतदान कर सकेंगे. वोटर्स हेल्पलाइन एेप से मतदाता फोटो वोटर्स स्लिप डाउनलोड कर सकेंगे. वोटर्स स्लिप के साथ मतदान केंद्र पर मताधिकार के इस्तेमाल के लिए लोगों के पहुंचने पर बीएलओ फोटो वोटर्स स्लिप के क्यूआर कोड का स्कैन कर मतदाता से संबंधित जानकारियां लेंगे .
 
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