राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को दुनिया के सबसे बड़े और अत्याधुनिक क्रिकेट स्टेडियम का उद्घाटन किया. जिसका नाम अब सरदार पटेल स्टेडियम की बजाय देश के प्रधानमंत्री के नाम पर नरेंद्र मोदी स्टेडियम होगा. जिसे मोटेरा स्टेडियम के रूप में भी जाना जाता है. इसी स्टेडियम में भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरा टेस्ट मैच खेला जा रहा है.
इधर मोटेरा स्टेडियम का नाम नरेंद्र मोदी स्टेडियम रखने पर राजनीति तेज हो गयी है. कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने भाजपा और केंद्र सरकार पर बड़ा हमला किया है. कांग्रेस ने इसे सरदार पटेल का अपमान बताया. इधर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर पीएम मोदी पर तंज कसा है.
राहुल गांधी ने एक बार फिर से हम दो हमारे दो की बात दोहराई. उन्होंने ट्वीट किया और लिखा, सच कितनी खूबसूरती से खुद को प्रकट करता है. नरेंद्र मोदी स्टेडियम. जय शाह की अध्यक्षता में अडानी एंड और रिलायंस एंड. इसके साथ ही उन्होंने #HumDoHumareDo का प्रयोग किया.
क्या है स्टेडियम में खास
करीब 63 एकड़ से अधिक परिसर में फैले नरेंद्र मोदी स्टेडियम की दर्शक क्षमता एक लाख 32 हजार है और इस पर 800 करोड़ रुपये खर्च किये गए हैं. यह ओलंपिक आकार के 32 फुटबॉल स्टेडियमों के बराबर का है. इस मैदान को 2015 में नवीनीकरण के लिये बंद कर दिया गया था. इससे पहले मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड सबसे बड़ा स्टेडियम था जिसकी दर्शक क्षमता 90000 है.
एमसीजी की डिजाइन बनाने वाले आस्ट्रेलियाई आर्किटेक्ट फर्म पोपुलस समेत कई विशेषज्ञ इसके निर्माण में शामिल थे. इसमें लाल और काली मिट्टी की 11 पिचें बनाई गई है. यह दुनिया का अकेला स्टेडियम है जिसमें मुख्य और अभ्यास पिचों पर एक सी मिट्टी है.
इसमें ऐसा ड्रेनेज सिस्टम लगाया गया है कि बारिश के बाद पानी निकालने के लिये सिर्फ 30 मिनट लगेंगे. इसमें एलईडी लाइट छत के परिमाप के साथ ही फिक्स कर दी गई है जिससे लाइट जलने पर परछाई नहीं बनेगी. यह ऐसा अकेला क्रिकेट स्टेडियम है जिसमें चार ड्रेसिंग रूम है. इसके अलावा क्रिकेट अकादमी, इंडोर अभ्यास पिचें और दो अलग अभ्यास मैदान हैं.
यहां सरदार पटेल खेल परिसर भी होगा, जहां फुटबॉल, हॉकी, बास्केटबॉल, कबड्डी, मुक्केबाजी जैसे खेलों की सुविधायें होंगी. करीब 215 एकड़ की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत 20 स्टेडियम बनाये जायेंगे जिसमें खिलाड़ियों और कोचों के लिये रिहायशी सुविधा भी होगी. ये तीन परिसर 233 एकड़ में फैले होंगे जो राष्ट्रमंडल खेल, एशियाई खेल और ओलंपिक तक की मेजबानी के लिये काफी है. ये छह महीने में तैयार हो जायेंगे.
यह क्रिकेट के इतिहास के कई गौरवशाली पलों का साक्षी रहा है. इसमें सुनील गावस्कर का 1987 में 10000 टेस्ट रन पूरे करना और कपिल देव का 432 टेस्ट विकेट लेकर 1994 में सर रिचर्ड हैडली का रिकॉर्ड तोड़ते हुए सबसे ज्यादा टेस्ट विकेट लेने वाला गेंदबाज बनना शामिल है.
Posted By – Arbind kumar mishra
