पेट्रोल और डीजल की बढ़ी कीमतों को लेकर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने तेल और गैस कंपनियों के साथ बैठक की है. इस बैठक में बढ़ी हुई कीमतों पर चर्चा होगी. कई शहरों में पेट्रोल की कीमत 100 के पार है.
डीजल की कीमतें भी आसमान छू रही हैं. पेट्रोल – डीजल की बढ़ी कीमतों को लेकर सरकार से लगातार सवाल भी किये जा रहे हैं. विपक्ष ने भी इस मौके पर भाजपा सरकार से कई सवाल किये हैं. महंगाई को लेकर भी चिंता जाहिर की गयी है.
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इन चिंताओं के बीच केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री की तेल और गैस कंपनियों के साथ हुई बैठक बेहद अहम मानी जा रही है. पहले भी धर्मेंद्र प्रधान ने बढ़ी हुई कीमतों को लेकर अपनी बात रखी थी जिसमें उन्होंने कहा, ईधन का कम उत्पादन बड़ी वजह है, अधिक लाभ के लिए यह किया जा रहा है जिसका सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है.
धर्मेंद्र प्रधान ने पेट्रोल – डीजल की कीमत में वृद्धि का दूसरा कारण कोरोना महामारी को बताया था. उन्होंने कहा, सरकार देश के विकास के लिए टैक्स पर निर्भर रहती है. सरकार द्वारा किये जा रहे विकास कार्यों से ही रोजगार के अवसर पैदा होते हैं. सरकार ने निवेश में वृद्धि की और इस बजट में 34 फीसद अधिक पूंजी व्यय किया. राज्य सरकार के भी खर्च बढ़ेंगे. इन वजहों से टैक्स की आवश्यकता है. हमारी कोशिस है कि संतुलन बना रहे
