Vande Bharat Sleeper Train : अंदर से 'महल' जैसी दिखती है नई वंदे भारत स्लीपर, किराया जानकर झूम उठेंगे

Vande Bharat Sleeper: भारतीय रेलवे 2026 में वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का तोहफा देने जा रहा है. इसकी लग्जरी और स्पीड राजधानी एक्सप्रेस को भी पीछे छोड़ देगी. देखें पहली झलक और रूट.

Vande Bharat Sleeper: कुछ दिनों के बाद खास रेलवे स्टेशनों पर एक आवाज सुनाई देने वाली  है. जी हां…ये आवाज होगी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में आपका स्वागत है. कुछ दिन पहले रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महीने के अंत में गुवाहाटी और कोलकाता के बीच मोस्ट अवेटेड वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे. वैष्णव ने कहा कि ये सेवाएं अगले 15-20 दिनों में, संभवतः 18 या 19 जनवरी के आसपास चालू हो जाएंगी. तो आइए आपको बताते हैं इस ट्रेन में यात्रियों के लिए क्या होने वाला है खास, जिससे वे ट्रेन में चढ़ते ही बोलेंगे–वाह क्या बात है.

कुछ दिन पहले रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का एक वीडियो शेयर किया था. इस वीडियो में टेन के अंदर और बाहर की खासियत बताई गई है. इसके अलावा भी कुछ तस्वीरें सामने आईं है जो ट्रेन के अंदर की है.

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की स्पीड कितनी होगी?

16 डिब्बों वाली इस वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की यात्री क्षमता 823 है. इसकी डिजाइन स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटा है. यही वजह है कि यात्रियों का समय काफी बचेगा. हालांकि, यह फिलहाल दोनों शहरों के बीच 120-130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी. यह असम और पश्चिम बंगाल के प्रमुख जिलों को कवर करेगी.

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के अंदर की तस्वीर

क्या है वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का किराया?

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का किराया क्या होगा? यह सवाल कई लोगों के मन में आ रहा है. तो आपको बता दें कि रेल मंत्री की ओर से जानकारी  दी गई है कि वंदे भारत में थर्ड एसी का किराया भोजन सहित लगभग 2,300 रुपये, सेकंड एसी का लगभग 3,000 रुपये और फर्स्ट एसी का लगभग 3,600 रुपये होगा. ये किराये मध्यम वर्ग को ध्यान में रखकर तय किए गए हैं. रेल मंत्री वैष्णव ने बताया कि गुवाहाटी-कोलकाता हवाई यात्रा का किराया लगभग 6,000 से 8,000 रुपये है. जबकि इस ट्रेन का किराया हवाई किराए से बहुत कम है.

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के अंदर रेल मंत्री

24 फर्स्ट एसी में है सीट

रेल मंत्री के अनुसार, 16 डिब्बों वाली इस ट्रेन में 11 डिब्बे थर्ड एसी, चार डिब्बे सेकंड एसी और एक डिब्बा फर्स्ट एसी इस ट्रेन में शामिल हैं. कुल 823 सीटों में से 611 थर्ड एसी में, 188 सेकंड एसी में और 24 फर्स्ट एसी में हैं.

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का निरीक्षण करते

ऑटोमेटिक डोर के अलावा ये चीजें खास हैं ट्रेन में

ट्रेन में उपलब्ध अन्य विशेषताओं की बात करें तो इसमें बेहतर कुशनिंग के साथ एर्गोनॉमिक रूप से डिजाइन किए गए बर्थ, ऑटोमेटिक डोर हैं. बेहतर सस्पेंशन और शोर कम करके बेहतर यात्रा आराम के अलावा स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली (कवच), इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम और कीटाणुनाशक टेक्निक इस ट्रेन को खास बनाएगा. कीटाणुनाशक 99.9 प्रतिशत रोगाणुओं को नष्ट कर देगी.

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लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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