जम्मू कश्मीर: डिप्टी सीएम के भाई के घर एसीबी की छापेमारी, भ्रष्टाचार के मामले में हुई कार्रवाई

जम्मू कश्मीर के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने राज्य के उपमुख्यमंत्री के भाई के घर छापा मारा. यह कार्रवाई बुधवार सुबह आय से अधिक संपत्ति के मामले में की गई. इस कार्रवाई पर डेप्युटी सीएम ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि प्रमोशन देने की बजाय उनके घर एसीबी भेज दिया गया.

जम्मू कश्मीर: राज्य में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बुधवार को जम्मू में उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी के भाई विजय चौधरी के आवास पर तलाशी अभियान चलाया. यह कार्रवाई आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति के मामले में की गई. अधिकारियों के अनुसार, विजय चौधरी जम्मू-कश्मीर पुलिस में निरीक्षक (इंस्पेक्टर) पद पर तैनात हैं. एसीबी अधिकारियों ने बताया कि उनके खिलाफ दर्ज मामले के तहत यह छापेमारी की जा रही है. 

यह छापेमारी शहर के संतोक विहार-कालोचक क्षेत्र स्थित उनके घर पर तड़के शुरू की गई, जो समाचार लिखे जाने तक जारी थी. तलाशी के दौरान दस्तावेजों और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री की जांच की जा रही है. हालांकि, अधिकारियों की ओर से अभी तक बरामदगी को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है. एक अधिकारी ने कहा, ‘हम विजय चौधरी के आवास पर तलाशी ले रहे हैं. यह कार्रवाई आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति के मामले में की जा रही है.’

बताया गया है कि निरीक्षक विजय चौधरी का तबादला पिछले वर्ष सितंबर महीने में लद्दाख कर दिया गया था. एसीबी अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल, इस छापेमारी को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है.

किस मामले में हुई कार्रवाई?

न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, यह छापा जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में सक्रिय बताए जा रहे एक कथित अवैध खनन नेटवर्क की जांच से जुड़ा है. आशंका जताई जा रही है कि इस रैकेट से कुछ मामलों में परिवार के सदस्यों के माध्यम से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष लाभ पहुंचाया गया हो. यह पूरा विभाग उपमुख्यमंत्री के अधीन आता है.

डिप्टी सीएम ने कार्रवाई को बताया दुर्भाग्यपूर्ण

उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने अपने भाई के आवास पर की गई छापेमारी को बुधवार को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया. एएनआई से बातचीत में सुरिंदर चौधरी ने अपने भाई का बचाव करते हुए कहा कि विजय चौधरी एक ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी रहे हैं और उन्होंने आतंकवाद विरोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. 

उन्होंने बताया कि उनके भाई ने थानामंडी और डोडा जैसे संवेदनशील इलाकों में आतंकवादियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की है. उपमुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सराहना और पदोन्नति देने के बजाय उनके भाई के घर एसीबी को भेज दिया गया. उन्होंने कहा कि ये लोग मेरे भाई के घर इसलिए आए हैं, ताकि उसकी पदोन्नति रोकी जा सके और उसे डीएसपी न बनाया जाए.

सुरिंदर चौधरी ने अपने पारिवारिक पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वे एक सैनिक परिवार से आते हैं. उन्होंने बताया कि उनके पिता ने सेना में सेवा दी थी और परिवार ने कड़ी मेहनत और संघर्ष के बल पर आज यह मुकाम हासिल किया है. भ्रष्टाचार के मामले में इस छापे के बाद राजनीति भी हो सकती है.  

एसीबी ने मामले का खुलासा नहीं किया

हालांकि अब तक एसीबी ने यह साफ नहीं किया है कि विजय चौधरी पर किन ठोस आरोपों के तहत जांच की जा रही है. वहीं, विपक्षी दल लंबे समय से विधानसभा में रेत, बजरी और पत्थरों के अवैध खनन का मुद्दा उठाते रहे हैं. विपक्ष का आरोप है कि सरकार नियमों को सख्ती से लागू करने में विफल रही है.

खनन मंत्री के तौर पर सुरिंदर चौधरी को भी इस मुद्दे पर लगातार आलोचना झेलनी पड़ी है. विरोधी दलों का कहना है कि अवैध खनन के मामलों में जानबूझकर नरमी बरती गई और कुछ मामलों को नजरअंदाज किया गया. पिछले कुछ महीनों में एसीबी ने भ्रष्टाचार, अवैध नियुक्तियों और रिश्वतखोरी से जुड़े कई मामलों में सक्रियता दिखाई है. 

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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