कोरोना की तीसरी लहर को कम करने में वैक्सीन बना अचूक हथियार, 15 फरवरी तक कम हो जायेंगे मामले

देश में कोरोना संक्रमण के तीन लाख 33 हजार मामले सामने आये हैं, जो शनिवार के मुकाबले कम हैं. वहीं कई महामारी विशेषज्ञों का कहना कि देश में कोरोना की तीसरी लहर का पीक आ चुका है और कुछ हफ्तों में स्थिति सामान्य हो जायेगी.

देश में 15 फरवरी तक कोरोना की तीसरी लहर में कमी आयेगी और संक्रमण के मामले कम होने लगेंगे. वर्तमान स्थिति को देखें तो देश में टीकाकरण का बहुत फायदा नजर आ रहा है, वैक्सीन की वजह से देश में तीसरी लहर का खतरा कम हुआ और स्थिति उतनी गंभीर नहीं हुई जितनी दूसरी लहर के दौरान थी. यह जानकारी सरकारी सूत्रों के हवाले से एएनआई न्यूज एजेंसी ने दी है.

74 प्रतिशत आबादी को लगा वैक्सीन का दोनों डोज

देश की 74 प्रतिशत वयस्क आबादी को वैक्सीन का दोनों डोज लग चुका है. केंद्र सरकार इस मसले को लेकर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से लगातार समन्वय स्थापित कर रही है. स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश की 92 प्रतिशत से अधिक आबादी को वैक्सीन का सिंगल डोज लग चुका है, जबकि 15-18 साल के किशोरों की 50 प्रतिशत से अधिक आबादी को वैक्सीन का सिंगल डोज लग चुका है. देश में अबतक 160 करोड़ से अधिक वैक्सीन डोज लग चुके हैं.


 कोरोना की तीसरी लहर का पीक गुजर चुका

गौरतलब है कि आज देश में कोरोना संक्रमण के तीन लाख 33 हजार मामले सामने आये हैं, जो शनिवार के मुकाबले कम हैं. वहीं कई महामारी विशेषज्ञों का कहना कि देश में कोरोना की तीसरी लहर का पीक आ चुका है और कुछ हफ्तों में स्थिति सामान्य हो जायेगी.

आर वैल्यू में गिरावट

वहीं एक खुशखबरी यह है कि आईआईटी मद्रास के विशेषज्ञों का कहना है कि आर वैल्यू घटकर 1.57 हो गया है, जबकि कुछ समय पहले यह तीन तक पहुंच गया था . आर वैल्यू के कम होने से संक्रमण की दर भी कम हो जाती है जो कई जगहों पर दिख भी रही है.

क्या है आर वैल्यू

आर वैल्यू का अर्थ है कि कोई संक्रमित व्यक्ति कितनों को संक्रमित कर सकता है. अगर आर वैल्यू एक होगा तो संक्रमित व्यक्ति एक व्यक्ति को संक्रमित कर पायेगा और अगर यह दो होगा तो वह दो को संक्रमित करेगा.

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