US changes visa policy : अमेरिका ने अपने वीजा पॉलिसी में फिर बदलाव किया है, जिसका सीधा असर भारतीय छात्रों और नौकरी करने वाले लोगों पर पड़ सकता है. एएनआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, नए नियमों के तहत F स्टूडेंट और J एक्सचेंज विजिटर और I पत्रकार वीजा धारकों को अब अनिश्चित अवधि तक रहने की अनुमति नहीं मिलेगी. पहले कई मामलों में वीजा स्टेटस बढ़ाने की प्रक्रिया अपेक्षाकृत आसान थी और कुछ स्थितियों में आवेदन लंबित रहने तक छात्रों को राहत मिल जाती थी. लेकिन नई व्यवस्था के तहत स्टेटस बढ़ाने के लिए अब अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा ( यूनाइटेड स्टेट्स सिटीजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज) के जरिए औपचारिक आवेदन और मंजूरी का इंतजार करना होगा.
भारतीय छात्रों को पहले से करनी होगी तैयारी
'बिल्ड टैलेंट लैब्स' की को-फ़ाउंडर और CEO डेनियल गोल्डमैन ने बताया कि नई नीति के कारण छात्रों को अपनी पढ़ाई, नौकरी और भविष्य की योजना पहले से बनानी होगी. उन्होंने कहा कि स्टेटस एक्सटेंशन की मंजूरी मिलने में फिलहाल करीब पांच महीने तक का समय लग सकता है. ऐसे में F-1 वीजा से आगे H-1B या ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया में जाने वाले छात्रों के लिए समय पर आवेदन करना बेहद जरूरी होगा.
देरी से बढ़ सकती हैं करियर की चुनौतियां
बिल्ड टैलेंट लैब्स' की को-फ़ाउंडर और CEO डेनियल गोल्डमैन ने कहा कि यदि छात्र समय पर आवेदन नहीं करते हैं, तो उन्हें पढ़ाई पूरी होने के बाद नौकरी शुरू करने या अमेरिका में कानूनी स्टेटस बनाए रखने में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. लंबी प्रोसेसिंग अवधि के कारण विश्वविद्यालयों, नियोक्ताओं और छात्रों तीनों को अपनी योजनाओं में बदलाव करना पड़ सकता है.
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लाखों भारतीय छात्रों पर रहेगा असर
अमेरिका भारतीय छात्रों की सबसे पसंदीदा पढ़ाई की मंजिलों में शामिल है. हर साल अमेरिका के विश्वविद्यालयों में 363,000 से अधिक भारतीय छात्र पढ़ाई करने के लिए जाते हैं. यह नई वीजा नीति ऐसे समय आई है, जब अमेरिका पहले से ही वीजा बैकलॉग, सख्त इमिग्रेशन नियमों और बढ़ती प्रोसेसिंग अवधि जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि नई व्यवस्था में सफलता की कुंजी समय रहते आवेदन करना और सभी दस्तावेज पहले से तैयार रखना होगी , ताकि पढ़ाई और करियर की राह में किसी तरह की बाधा न आए.
