करनाल : हरियाणा के करनाल में केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों की महापंचायत और मिनी सचिवालय का घेराव करने को लेकर अधिकारियों और किसान नेताओं की वार्ता मंगलवार को विफल हो गई. प्रदर्शन और महापंचायत को लेकर अधिकारियों के साथ की जा रही बातचीत विफल होने के बाद भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) प्रमुख गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि करनाल जिला प्रशासन और किसान नेताओं के साथ की जा रही बातचीत विफल हो गई है. उन्होंने कहा कि अब हम अनाज मंडी में अपनी रणनीति में बदलाव करेंगे.
बता दें कि करनाल में मंगलवार को महापंचायत करने तथा मिनी सचिवालय का घेराव करने के लिए बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के एकत्रित होने के मद्देनजर किसानों के 11 नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल को जिला प्रशासन ने बातचीत के लिए बुलाया है.
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किसानों पर 28 अगस्त को हुए पुलिस के कथित लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार को महापंचायत करने के लिए राकेश टिकैत, बलबीर सिंह राजेवाल, दर्शन पाल, योगेंद्र यादव और गुरनाम सिंह चढूनी सहित संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के कई वरिष्ठ नेता करनाल पहुंचे. ऐसा कहा जा रहा है कि ये वरिष्ठ नेता प्रशासन के साथ बातचीत में शामिल थे.
मीडिया की खबरों के अनुसार, मंगलवार को मिनी सचिवालय का घेराव करने पहुंचे प्रदर्शनकारी किसानों पर नजर रखने के लिए प्रशासन की ओर से ड्रोन तैनात किया गया है. इसी के साथ, किसानों की मिनी सचिवालय का घेराव करने की योजना के मद्देनजर करनाल में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.
करनाल में हरियाणा पुलिस के साथ ही बड़ी संख्या में केंद्रीय बलों के जवान भी तैनात किए गए हैं, जबकि नई अनाज मंडी में भी बल की भारी तैनाती की गई है. किसानों की योजना अनाज मंडी में एकत्रित होकर वहां से लघु सचिवालय का घेराव करने के लिए आगे बढ़ने की है.
अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली-करनाल-अंबाला नेशनल हाईवे पर सुबह के समय गाड़ियों की आवाजाही आम दिनों की तरह सामान्य रही. हरियाणा भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के प्रमुख गुरनाम सिंह चढूनी ने सुबह किसानों से शांतिपूर्ण तरीके से अनाज मंडी में एकत्रित होने की अपील की थी. उन्होंने कहा कि आगे की कार्रवाई अनाज मंडी में ही तय की जाएगी.
