SIR: निर्वाचन आयोग ने ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तीसरे चरण के तहत मतदाता सत्यापन अभियान शुरू कर दिया है. इस चरण में 3.68 करोड़ से अधिक मतदाताओं का सर्वेक्षण और सत्यापन किया जाएगा. आयोग के अनुसार, इस अभियान का मकसद सभी पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना और जो पात्र नहीं हैं उनके नाम हटाकर मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाना है.
चारों राज्यों में 3.67 करोड़ से अधिक मतदाता
वर्तमान चरण में शामिल चारों राज्यों में कुल 3.67 करोड़ से अधिक मतदाता हैं. इनमें ओडिशा में सबसे अधिक 3.34 करोड़ से ज्यादा मतदाता हैं. राज्य में पुनरीक्षण कार्य के लिए 38,123 बीएलओ और 8,391 बूथ स्तरीय एजेंट (बीएलए) तैनात किए गए हैं. अन्य राज्यों में मिजोरम में 8.75 लाख, सिक्किम में 4.71 लाख और मणिपुर में 20.92 लाख मतदाता हैं.
14 मई से शुरू हुआ था तीसरा चरण
चुनाव आयोग ने 14 मई को 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में चरणबद्ध तरीके से एसआईआर का तीसरा चरण शुरू किया था. गणना चरण के दौरान मतदाताओं से जरूरी जानकारी एकत्र की जाएगी. मतदाता अपने विधिवत भरे हुए गणना प्रपत्र बीएलओ के माध्यम से जमा कर सकते हैं. इसके अलावा ऑनलाइन माध्यम से भी फॉर्म जमा करने की सुविधा है. निर्वाचन आयोग के अनुसार, जिन मतदाताओं के फॉर्म 28 जून या उससे पहले निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ERO) को प्राप्त हो जाएंगे, उनके नाम मसौदा मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे.
समय सीमा चूकने वालों को मिलेगा दूसरा अवसर
जो मतदाता निर्धारित समय सीमा तक अपने गणना प्रपत्र जमा नहीं कर पाएंगे, वे दावा और आपत्ति अवधि के दौरान निर्धारित घोषणा पत्र के साथ फॉर्म-6 भरकर नए मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकेंगे.
सभी पात्र नागरिकों से सहयोग की अपील
निर्वाचन आयोग ने सभी पात्र मतदाताओं से विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने और घर-घर चलाए जा रहे इस अभियान के दौरान चुनाव अधिकारियों का सहयोग करने की अपील की है. आयोग का कहना है कि इससे मतदाता सूचियों को अधिक सटीक और समावेशी बनाने में मदद मिलेगी.
पात्र मतदाताओं को शामिल करना है मकसद
आयोग के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का उद्देश्य सभी पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना और अपात्र व्यक्तियों को सूची से बाहर रखना है. निर्वाचन आयोग ने साफ कर दिया है कि पात्रता तिथि पर 18 साल या उससे अधिक आयु का प्रत्येक भारतीय नागरिक, जो कानून के तहत अयोग्य नहीं है, मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने का अधिकार रखता है.
