राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द, नोटिफिकेशन में लिखा Ex MP, जानें खास बातें...

आज लोकसभा सचिवालय ने एक नोटिफिकेशन जारी किया जिसमें लिखा गया है-श्री राहुल गांधी जो केरल की वायनाड लोकसभा सीट से सांसद हैं उन्हें सूरत कोर्ट ने 2019 के एक मामले में दोषी करार दिया है

लोकसभा सचिवालय ने एक नोटिफिकेशन जारी कर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और वायनाड से सांसद राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द कर दी है. ज्ञात हो कि कल सूरत सेशंस कोर्ट ने राहुल गांधी को मोदी सरनेम मामले में दोषी करार देते हुए दो साल की सजा सुनायी थी. कोर्ट ने उन्हें जमानत देते हुए 30 दिन का वक्त दिया था ताकि वे ऊपरी अदालत में अपील कर सकें.


वायनाड से सांसद थे राहुल गांधी

आज लोकसभा सचिवालय ने एक नोटिफिकेशन जारी किया जिसमें लिखा गया है-श्री राहुल गांधी जो केरल की वायनाड लोकसभा सीट से सांसद हैं उन्हें सूरत कोर्ट ने 2019 के एक मामले में दोषी करार दिया है, जिसके फलस्वरूप उनकी लोकसभा की सदस्यता रद्द की जाती है. उनकी सदस्यता उनके दोषी करार दिये जाने वाले दिन यानी 23 मार्च से ही रद्द की जाती है. राहुल गांधी पर यह कार्रवाई जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 8 के तहत किया गया है.

राहुल गांधी सहित इन्हें भेजी गयी नोटिफिकेशन की काॅपी

यह नोटिफिकेशन लोकसभा सचिवालय के सेक्रेटरी जेनरल उत्पल कुमार सिंह के नाम से जारी किया गया है. तारीख 24 मार्च 2023 और चैत्र 3, शक संवत 1945 लिखा हुआ है. इस नोटिफिकेशन की काॅपी राहुल गांधी के साथ-साथ राष्ट्रपति सचिवालय, प्रधानमंत्री सचिवालय, चुनाव आयोग, राज्य सभा सचिवालय, मुख्य निर्वाचन आयुक्त केरल, लोकसभा सचिवालय के सभी शाखाओं और सभी विभागों को भेजा गया है. नोटिफिकेशन पर ज्वाइंट सेक्रेटरी पीसी त्रिपाठी ने हस्ताक्षर किया है. नोटिफिकेशन में राहुल गांधी को पूर्व सांसद लिखा गया है.

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Author: Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

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