भुवनेश्वर के खंडगिरि में ओडिशा के पहले सीएनजी शव दाह गृह का हुआ लोकार्पण

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि मोदी सरकार की पूर्वोदय की कल्पना में ओडिशा समेत पूर्वी भारत के राज्यों में तेल व गैस के क्षेत्र में अवसंरचना विकास को मजबूत किया जा रहा है. भुवनेश्वर व कटक के घरों को पाइप से रसोई गैस सुविधा उपलब्ध कराना पीएम मोदी के नागरिकों के लिए ईज ऑफ लिविंग का सबसे बड़ा उदाहरण है.

भुवनेश्वर व कटक के घरों को गेल इंडिया द्वारा पाइप के जरिए रसोई गैस सुविधा उपलब्ध कराना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नागरिकों के लिए ईज ऑफ लिविंग का एक सबसे बड़ा उदाहरण है. केंद्रीय शिक्षा, कौशल विकास व उद्यमिता मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने यह बात कही. शुक्रवार को भुवनेश्वर के खंडगिरि धर्म विहार इलाके में गेल इंडिया के सीएसआर से राज्य के पहले प्राकृतिक गैस (सीएनजी) द्वारा संचालित शव दाह गृह के लोकार्पण के अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री प्रधान ने यह बात कही.

  • कटक-भुवनेश्वर के घरों में पाइप के जरिए रसोई गैस सुविधा पहुंचाना प्रधानमंत्री के ईज ऑफ लिविंग का सबसे बड़ा उदाहरण : धर्मेंद्र प्रधान

  • गेल इंडिया ने सीएसआर पहल के तहत पांच करोड़ की लागत से कराया है निर्माण

  • भुवनेश्वर के आइगणिया व कटक के खाननगर में दो अन्य शव दाह गृह का जल्द होगा लोकार्पण

16 करोड़ 37 लाख में बन रहे दो श्मशान

उन्होंने कहा कि गेल भुवनेश्वर व कटक में 16 करोड़ 37 लाख रुपये से प्राकृतिक गैस आधारित शव दाह गृह की स्थापना कर रहा है. इसमें से भुवनेश्वर के धर्म विहार में पांच करोड़ रुपये की राशि से निर्मित श्मशान का आज लोकार्पण हुआ है. भुवनेश्वर महानगर निगम इसमें सहयोगी है. इसी तरह भुवनेश्वर के आइगणिया व कटक के खाननगर में दो अन्य शव दाह गृह बनाये जा रहे हैं. शीघ्र ही इनका लोकार्पण होगा. दोनों शहरों में शवों के दाह संस्कार में आ रही समस्या इससे कम होगी.

Also Read: प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा पाइपलाइन परियोजना के तहत ओडिशा को मिलेगी सस्ती गैस

ओडिशा को मिली कई परियोजनाएं : धर्मेंद्र प्रधान

पर्यावरण को स्वच्छ व सुरक्षित रखने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के ईज ऑफ लिविंग की कल्पना में नया अत्याधुनिक शव दाह केंद्र स्थापित करने के कारण श्री प्रधान ने गेल कंपनी को धन्यवाद दिया. श्री प्रधान ने कहा कि मोदी सरकार की पूर्वोदय की कल्पना में ओडिशा समेत पूर्वी भारत के राज्यों में तेल व गैस के क्षेत्र में अवसंरचना विकास को मजबूत किया जा रहा है. पिछले नौ वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी ने ओडिशा को दो लाख तीन हजार 472 करोड़ रुपये की पेट्रोलियम व पेट्रोकेमिकल परियोजना दी है.

50 हजार घरों में पाइपलाइन से पहुंची गैस

प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा योजना में जगदीशपुर, हल्दिया व बोकारो-धामरा पाइपलाइन का कार्य समाप्त हो चुका है. धामरा में एलएनजी टर्मिनल का काम भी पूरा हो चुका है. श्री प्रधान ने कहा कटक व भुवनेश्वर में गेल द्वारा पाइपलाइन के जरिये गैस पहुंचाने के कार्य शुरू किया गया था. अब तक 50 हजार घरों में गैस पहुंचायी जा चुकी है.

Also Read: स्वतंत्रता दिवस पर बोले ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक – समाज के सभी वर्गों का विकास ही वास्तविक विकास

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >