PNB Scam: मेहुल पर कोर्ट में आज सुनवाई, जज ने मांगा डोमिनिका में अवैध घुसपैठ का जवाब

भगोड़ा हीरा कारोबार मेहुल चोकसी पर आज फिर डोमिनिका कोर्ट में सुनवाई होगी. उम्मीद की जा रही है कि कोर्ट आज मेहुल चोकसी को भारत को प्रत्यपर्ण फैसला सुना सकती है. इससे पहले मेहुल चोकसी को डोमिनिका कोर्ट से झटका लगा है क्योकि कोर्ट ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी है. डोमिनिका में अवैध तरीके से घुसपैठ करते हुए उसे गिरफ्तार किया गया था. चोकसी मामले की सुनवाई कर रहे डोमिनिका कोर्ट के जज ने कहा कि डोमिनिका में अवैध रुप से घुसपैठ करने के मामले में मेहुल को जवाब देना होगा. उसे बताना हो की वह डोमिनिका में अवैध रूप से क्यों घुस रहा था.

भगोड़ा हीरा कारोबार मेहुल चोकसी पर आज फिर डोमिनिका कोर्ट में सुनवाई होगी. उम्मीद की जा रही है कि कोर्ट आज मेहुल चोकसी को भारत को प्रत्यपर्ण फैसला सुना सकती है. इससे पहले मेहुल चोकसी को डोमिनिका कोर्ट से झटका लगा है क्योकि कोर्ट ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी है. डोमिनिका में अवैध तरीके से घुसपैठ करते हुए उसे गिरफ्तार किया गया था. चोकसी मामले की सुनवाई कर रहे डोमिनिका कोर्ट के जज ने कहा कि डोमिनिका में अवैध रुप से घुसपैठ करने के मामले में मेहुल को जवाब देना होगा. उसे बताना हो की वह डोमिनिका में अवैध रूप से क्यों घुस रहा था.

वहीं भारत को मेहुल को सौंपे जाने के लेकर मेहुल के वकीलों ने डोमिनिका कोर्ट को बताया है कि मेहुल अब भारत का नागिरक नहीं है इसलिए उसे भारत को नहीं सौंपा जा सकता है. जबकि कोर्ट ने कहा है कि भगोड़ा हीरा कारोबारी को भारत भेज दिया जाना चाहिए, क्योंकि उसकी याचिका सुनवाई को योग्य नहीं है.

मेहुल चोकसी के वकीलों ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 9 का हवाला देते हुए डोमिनिका कोर्ट से कहा कि वह भारत का नागरिक नहीं है. क्योंकि अनुच्छेद के तहत जो भी व्यक्ति किसी दूसरे देश की नागरिकता हासिल करता है, उसकी भारतीय नागरितका स्वत: समाप्त हो जाती है. इसलिए मेहुल चोकसी को सीधे भारत को प्रत्यर्पित नहीं किया जा सकता है.

वहीं मेहुल चोकसी ने कहा है कि वह डोमिनिका में खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है इसलिए वह वापस एंटीगुआ जाना चाहता है. इस्टर्न कैरिबियन सुप्रीम कोर्ट डोमिनिका चोकसी को भारत भेजे जाने की याचिका पर सुनवाई कर रहा है. इससे पहले उसे डोमिनिका में अवैध रुप से सीमा पार करते हुए पुलिस ने गिरफ्तार किया था. उसकी गिरफ्तारी के बाद से ही डोमिनिका, एंटीगुआ और बारबूडा में राजनीतिक बहस छिड़ गयी थी.

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चोकसी 24 मई को एंटीगुआ बारबूडा से फरार हुआ था. इसके बाद 25 मई को उसे डोमिनिका में गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद एंटीगुआ और बारबूडा के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन सरकार ने डोमिनिका से अनुरोध किया था कि वो भारतीय प्रवर्तन एजेंसियों को मेहुल को सौंपने में मदद करें.

जबकि मेहुल की कानूनी टीम ने कहा था कि मेहुल डोमिनिका खुद से नहीं आया है बल्कि वो हनीट्रैप का शिकार हुआ है और उसे अपहरण कर डोमिनिका लाया गया है. भारत ने चोकसी को लाने के लिए आठ अधिकारियों की टीम को डोमिनिका भेजा है. जिनमें सीबीआई और विदेश मंत्रालय के अधिकारी शामिल है.

चोकसी पर सार्वजनिक क्षेत्र के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से करीब 13,600 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है. पीएनबी घोटाला सामने आने से पहले ही वह 7 जनवरी 2018 को देश छोड़कर भाग गया था. इसके बाद 15 जनवरी 2018 को उसने एंटीगुआ और बारबूडा की नागरिकता ले ली थी. हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी पर आज डोमिनिका कोर्ट में सुनवाई तथा Latest News in Hindi से अपडेट के लिए बने रहें।

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Posted By: Pawan Singh

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