NHAI: सड़कों की गुणवत्ता पर रहेगी अब सख्त नजर

राष्ट्रीय राजमार्ग के विकास में गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण(एनएचएआई) ने नेशनल टेस्ट हाउस(एनटीएस) के साथ हाथ मिलाया है, जो गुणवत्ता जांचने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने वाला नामी संस्थान है.

NHAI: वर्ष 2014 में देश में राष्ट्रीय राजमार्ग की कुल लंबाई 91287 किलोमीटर थी, जो मौजूदा समय में बढ़कर 146560 किलोमीटर हो गयी है. वर्ष 2014 के बाद देश में राष्ट्रीय राजमार्ग की लंबाई में 61 फीसदी का इजाफा हुआ है. केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग के विकास के लिए कई पहल की है. राष्ट्रीय राजमार्ग के नेटवर्क बढ़ने के साथ ही सड़कों की गुणवत्ता को बेहतर करना भी केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय की प्राथमिकता है. इस कड़ी में राष्ट्रीय राजमार्ग के विकास में गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण(एनएचएआई) ने नेशनल टेस्ट हाउस(एनटीएच) के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किया है. 

केंद्रीय उपभोक्ता मामले मंत्रालय के तहत आने वाला एनटीएच गुणवत्ता जांचने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने वाला नामी संस्थान है. समझौते के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग प्रोजेक्ट के निर्माण में गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली को मजबूत किया जाएगा और हर प्रोजेक्ट के गुणवत्ता की जांच स्वतंत्र और थर्ड पार्टी करेगी. इसमें निर्माण में प्रयोग होने वाले मटेरियल, सिस्टम और अन्य पहलुओं की जांच होगी ताकि तय मानक के हिसाब से ���ड़कों का निर्माण हो सके. राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के चेयरमैन संतोष कुमार यादव की मौजूदगी में एनएचएआई(प्रोजेक्ट) के सदस्य विपेंश शर्मा और एनटीएच के महानिदेशक आलोक कुमार श्रीवास्तव ने एमओयू पर हस्ताक्षर किया. 

अंतर्राष्ट्रीय मानक के अनुसार निर्माण की पहल

हाल के वर्षों में सड़क निर्माण की गुणवत्ता बेहतर हुई है. लेकिन घटिया निर्माण की कई शिकायतें आती रहती है. ऐसे में एनएचएआई अब अंतर्राष्ट्रीय मानक के आधार पर सड़क निर्माण को प्राथमिकता देने का फैसला लिया है. इस समझौते के तहत सड़क मंत्रालय की ओर से निर्माण के जारी दिशा निर्देश का पालन करने के लिए एनटीएच सड़क निर्माण में प्रयोग होने वाले मटेरियल की टेस्टिंग करने के साथ सर्टिफिकेट जारी करेगा. इससे सड़क निर्माण की राष्ट्रीय स्तर पर गुणवत्ता बेहतर होगी.

एनटीएच की ओर से एनएचएआई मुख्यालय और क्षेत्रीय कार्यालयों को प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन के लिए तकनीकी सहयोग भी मुहैया कराया जायेगा. इस पहल से सड़क सुरक्षा को बेहतर करने में मदद मिलेगी. एनएचएआई अधिकारियों के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम भी चलाया जाएगा. मंत्रालय का मानना है कि इससे सड़क निर्माण के काम में पारदर्शिता आएगी और जवाबदेही सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी. गौरतलब है कि हर साल सड़कों के रखरखाव और उसे ठीक करने में करोड़ों रुपये खर्च हो जाता है. बेहतर गुणवत्ता की सड़क बनने से इस खर्च में कमी आएगी. 

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Published by: Anjani kumar singh

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