डीयू परिसर में विरोध प्रदर्शन पर एक महीने के लिए बैन, 5 या उससे अधिक लोगों के जमा होने पर प्रतिबंध

Delhi University: दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने परिसर में किसी भी प्रकार की सार्वजनिक सभा करने, जुलूस निकालने, प्रदर्शन और धरना देने पर मंगलवार को एक महीने के लिए रोक लगा दी. डीयू ने यह कार्रवाई ट्रैफिक, सुरक्षा को खतरा और सार्वजनिक शांति बाधित होने की आशंका का हवाला देते हुए की.

Delhi University: विश्वविद्यालय के कुलानुशासक (प्रॉक्टर) कार्यालय ने मंगलवार को जारी आदेश में कहा कि यह प्रतिबंध इस सूचना के बाद लगाया गया है कि बिना नियंत्रण वाली सार्वजनिक सभाएं कानून-व्यवस्था को बिगाड़ सकती हैं. इसमें सिविल लाइंस के सहायक पुलिस आयुक्त द्वारा पहले जारी किए गए उस निर्देश का भी उल्लेख किया गया है जिसमें सार्वजनिक सभाएं करने, मशालें या इसी तरह की सामग्री साथ लेने, नारे लगाने और ऐसे भाषणों पर रोक लगाई गई है.

पांच या उससे अधिक लोगों के एक जगह जमा होने पर प्रतिबंध

आदेश में कहा गया है, पांच या अधिक लोगों का एक जगह जमा होना, नारे लगाना और भाषण देना तथा मशाल, टॉर्च आदि सहित किसी भी प्रकार की खतरनाक सामग्री ले जाना प्रतिबंधित है. यह प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू होगा और यदि इसे पहले वापस नहीं लिया जाता है तो यह एक महीने तक लागू रहेगा.

आदेश का हो रहा विरोध

हंसराज कॉलेज में अंग्रेजी के एसोसिएट प्रोफेसर और दिल्ली विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद के सदस्य मिथुराज धुसिया ने इस कदम की आलोचना की. उन्होंने यह माना कि विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से होने चाहिए और विश्वविद्यालय को व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए लेकिन सभाओं पर रोक लगाने के लिए ट्रैफिक जाम का हवाला देना अस्वीकार्य है. उन्होंने यह आदेश वापस लिए जाने की मांग की. उन्होंने कहा कि कुलानुशासक कार्यालय सार्वजनिक सभाओं पर एकतरफा तरीके से इस प्रकार पूर्ण रोक नहीं लगा सकता.

12 फरवरी को इतिहासकार इरफान हबीब पर हुआ था हमला

पिछले सप्ताह दिल्ली पुलिस ने एक विरोध-प्रदर्शन के दौरान छात्र समूहों के बीच झड़प के बाद दो प्राथमिकी दर्ज की थीं. 12 फरवरी को सामाजिक न्याय कार्यक्रम में इतिहासकार इरफान हबीब के भाषण के दौरान उन पर बाल्टी से पानी फेंका गया था.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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