Assam Meghalaya Border Disputes: असम के साथ 50 साल से चल रहे सीमा विवाद को सुलझाने के लिए मेघालय सरकार ने सोमवार को बड़ा कदम उठाया है. मेघालय सरकार ने सीमा विवाद को सुलझाने के लिए 3 क्षेत्रीय समितियों को बनाने का फैसला लिया है. 12 में से छह क्षेत्रों में असम के साथ अंतर-राज्यीय सीमा विवाद को हल करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद, मेघालय सरकार ने वर्तमान स्थिति की जांच के लिए तीन क्षेत्रीय समितियों का गठन किया है.
गृह विभाग ने जारी की अधिूसचना
गृह विभाग द्वारा जारी एक अधिसूचना के मुताबिक, मेघालय सरकार ने कहा कि तीन क्षेत्रीय समितियां पश्चिम खासी हिल्स जिले के लंगपीह में मतभेद के शेष छह क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति की जांच करेंगी. उपमुख्यमंत्री प्रेस्टन तिनसोंग री-भोई जिला क्षेत्रीय समिति के अध्यक्ष होंगे, जबकि मंत्री रेनिक्टन एल. टोंगखर पश्चिम खासी हिल्स जिला क्षेत्रीय समिति के अध्यक्ष होंगे और मंत्री स्नियाभलांग धर पश्चिम जयंतिया हिल्स जिला क्षेत्रीय समिति का नेतृत्व करेंगे. संबंधित जिलों के उपायुक्त क्षेत्रीय समितियों के सदस्य संयोजक होंगे. मेघालय सरकार द्वारा गठित क्षेत्रीय समितियां असम सरकार द्वारा गठित संबंधित क्षेत्रीय समिति के साथ समन्वय करेंगी.
प्रत्येक गांव का किया जाएगा दौरा
इन समितियों को असम सरकार के रिकॉर्ड के अनुसार गांवों के नामों के साथ मेघालय द्वारा दावा किए गए गांवों (उप-गांवों) के नामों को क्रॉस-रेफरेंस और सत्यापित करने के लिए सेट किया गया है, ताकि गांवों की भौगोलिक स्थिति और उनकी निकटता की जांच की जा सके. समितियां प्रत्येक गांव का भी दौरा करेंगी और स्वायत्त जिला परिषदों के निर्वाचित प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों सहित गांवों में रहने वाले समुदायों के साथ बातचीत करेंगी. ताकि, क्षेत्र में रहने वाले लोगों की धारणा के बारे में जान सकें, इसके बारे में तथ्यात्मक जानकारी का दस्तावेजीकरण कर सकें.
45 दिनों के भीतर पेश किया जाएगा रिपोर्ट
समितियां इस अधिसूचना की तारीख से 45 दिनों की अवधि के भीतर गांवों के निरीक्षण के आधार पर और ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य, स्थानीय आबादी की जातीयता, प्रशासनिक सुविधा के सहमत मानदंडों के आधार पर मेघालय सरकार को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी. इससे पहले 29 मार्च को, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और उनके मेघालय समकक्ष कोनराड संगमा ने 12 विवादित स्थानों में से छह में अपने पांच दशक पुराने सीमा विवाद को समाप्त करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे.
