Manipur Violence: हथियार के साथ आमने-सामने हुए दो गुट, सुरक्षाबलों ने टाली हिंसा

मणिपुर के मापाओ और अवांग सेकमई इलाके के सशस्त्र समूह क्षेत्र में एकत्र हुए जिससे तनाव बढ़ गया. इस दौरान कुछ गोलियां भी चलाई गईं लेकिन असम राइफल्स के जवान जल्द ही इलाके में पहुंच गए और उन्होंने स्थिति को नियंत्रण में ले लिया.

मणिपुर के कांगपोकपी जिले में दो सशस्त्र समूह एकत्र हुए और उन्होंने गोलियां चलाईं लेकिन सुरक्षा बलों ने तत्काल इलाके में पहुंच कर किसी भी प्रकार की झड़प को टाल दिया. सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी.उन्होंने कहा कि यह घटना बुधवार दोपहर तीन बजकर 40 मिनट पर फेलेंग गांव के पास हुई.

असम राइफल्स के जवानों ने संभाली स्थिति 

सूत्रों ने बताया कि मापाओ और अवांग सेकमई इलाके के सशस्त्र समूह क्षेत्र में एकत्र हुए जिससे तनाव बढ़ गया. इस दौरान कुछ गोलियां भी चलाई गईं लेकिन असम राइफल्स के जवान जल्द ही इलाके में पहुंच गए और उन्होंने स्थिति को नियंत्रण में ले लिया. सूत्रों ने कहा कि महिलाओं ने बलों को क्षेत्र में पहुंचने से रोकने के लिए सड़कें बाधित की थी.

बड़ी संख्या में कुकी समुदाय के लोगों ने चुराचांदपुर में प्रदर्शन किया

बड़ी संख्या में कुकी समुदाय के लोगों ने चुराचांदपुर में प्रदर्शन किया. उन्होंने सार्वजनिक मैदान से तुईबोंग शांति मैदान तक रैली निकाली. सूत्रों ने बताया कि रैली में करीब 4,000 लोग शामिल हुए और अधिकतर ने ‘युद्ध’ की पोशाक पहने हुए थे और चेहरों पर प्रकृति से मेल खाते रंग लगाए थे. रैली बुधवार शाम सात बजे तक चली जिसमें किसी भी अप्रिय घटना की खबर नहीं मिली है.

इंटरनेट सेवाएं 10 जून तक बंद 

आपको बाताएं कि, मणिपुर में जारी हिंसा के बीच सरकार ने सार्वजनिक व्यवस्था में गड़बड़ी को रोकने की आवश्यकता का हवाला देते हुए इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध 10 जुलाई तक बढ़ा दिया है. वहीं मणिपुर में स्कूल कक्षा 1-8 के लिए फिर से खुल गए. राज्य में मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल करने की मांग को लेकर हिंसा जारी है.

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By Abhishek Anand

'हम वो जमात हैं जो खंजर नहीं, कलम से वार करते हैं'....टीवी और वेब जर्नलिज्म में अच्छी पकड़ के साथ 10 साल से ज्यादा का अनुभव. झारखंड की राजनीतिक और क्षेत्रीय रिपोर्टिंग के साथ-साथ विभिन्न विषयों और क्षेत्रों में रिपोर्टिंग. राजनीतिक और क्षेत्रीय पत्रकारिता का शौक.

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