Sachin Waze Case: फर्जी आधार कार्ड के जरिए 5-स्टार होटल में रुकता था सचिन वाझे, मनसुख केस में ATS ने एक और कार को किया जब्त

Sachin Waze Case: बता दें कि महाराष्ट्र एटीएस ने सोमवार को एक शख्स को हिरासत में लिया जिसने मनसुख हिरेन मामले में 14 सिम मुहैया कराये थे.

Sachin Waze Case: एंटीलिया केस से जुड़े मनसुख हिरेन की हत्या मामले में मुंबई पुलिस की जांच-पड़ताल जारी है. मुंबई पुलिस के ATS की जांच कई एंगल से की जा रही है. वहीं ATS इस मामले की जांच करते हुए दमण द्वीव भी पहुंच चुकी है. महाराष्ट्र एटीएस (आतंकवाद-रोधी दस्ते) ने मनसुख हिरन हत्याकांड मामले में मंगलवार को दमण से एक वोल्वो कार जब्त की है. बता दें कि सोमवार को एटीएस ने एक शख्स को भी हिरासत में भी लिया था.

वहीं हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, NIA के अधिकारियों ने बताया कि एक टीम ने नरीमन पॉइंट के ट्राइडेंट होटल के एक कमरे में तलाशी ली, जहां वाझे कथित तौर पर 16 फरवरी से 20 फरवरी तक रुका था. वाझे ने कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड से होटल में कमरा बुक किया था.

कल हुई थी एक गिरफ्तारी 

बता दें कि महाराष्ट्र एटीएस ने सोमवार को एक शख्स को हिरासत में लिया जिसने मनसुख हिरेन मामले में 14 सिम मुहैया कराये थे. एंटीलिया के बाहर विस्फाेटक से भरी लावारिस एसयूवी मिलने पर इसकी पड़ताल करने पहुंचने वालों में मुंबई पुलिस की अपराध शाखा के असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर सचिन वझे भी शामिल थे़ वझे की मानें, स्थानीय पुलिस टीम और वरिष्ठ अधिकारियों के पहुंचने के लगभग चार घंटे बाद वे घटनास्थल पर पहुंचे थे़

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वाझे पर लगे हैं गंभीर आरोप

हालांकि इस मामले में वझे से पूछताछ के बाद एनआइए ने 13 मार्च को उन्हें गिरफ्तार कर लिया़ उन्हें निलंबित भी कर दिया गया है़ मनसुख हीरने की मौत के मामले में एटीएस ने वझे को मुख्य आरोपी माना है. वहीं हीरेन की संदिग्ध मौत के मामले में उनकी पत्नी विमला ने भी वझे पर ही आरोप लगाया है़ विमला ने कहा है कि उनके पति वझे को बहुत अच्छी तरह जानते थे और लगभग दो वर्ष तक दोनों ने संबंधित स्कॉर्पियो का इस्तेमाल किया था़ सचिन वझे की गिरफ्तारी के बाद एनआइए ने उनकी दो लग्जरी गाड़ियां- मर्सडीज और टाेयोटा भी जब्त कर ली है, जिसे वझे इस्तेमाल कर रहे थे.

कैसे हुई मनसुख हीरेन की मौत

एंटीलिया के बाहर खड़ी लावारिस कार के राजनीतिक रंग लेते ही पांच मार्च को विपक्षी नेता द्वारा मनसुख हीरेन को सुरक्षा देने की मांग उठायी गयी़ उनका कहना था कि चूंकि हीरेन इस मामले में मुख्य गवाह हैं, इसलिए उन्हें सुरक्षा देनी चाहिए़ कुछ ही घंटे बाद हीरेन का शव मुंबई-रेती बंदर रोड पर, जो ठाणे के नजदीक है, एक नहर में पाया गया़ पुलिस का कहना है कि चार मार्च की शाम को हीरेन अपनी दुकान से घर वापस आ गये थे.

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