Mahakumbh 2025 : महाकुंभ पर पैनी नजर थी सीएम योगी की, 45 दिन में 10 बार पहुंचे

Mahakumbh 2025 : आस्था, भव्यता और इतिहास के महासंगम का समापन हो चुका है. 66 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने संगम स्नान कर इतिहास रचा. इस दौरान सीएम योगी की पैनी नजर रही.

Mahakumbh 2025 :  महाकुंभ 2025 ने न सिर्फ आध्यात्मिकता की नई ऊंचाइयों को छुआ, बल्कि इसकी दिव्यता ने सबका मन मोह लिया. 45 दिनों तक चले इस महाआयोजन में 66 करोड़ से अधिक लोगों ने संगम में स्नान किया. सीएम योगी ने महाकुंभ की लगातार मॉनीटरिंग की. लखनऊ हो या गोरखपुर, सीएम योगी परस्पर महाकुंभ की व्यवस्थाओं पर पैनी नजर रखे रहे.

वहीं, 45 दिनों के इस आयोजन में उन्होंने स्वयं 10 बार यहां पहुंचकर जमीनी हकीकत को भी समझा और जरूरी दिशा निर्देश दिए. यही नहीं, आवश्यकता पड़ने पर सीएम योगी ने लखनऊ से भी अपने आला अधिकारियों को भेजकर स्थितियों का आंकलन किया. सीएम के दौरे की सबसे महत्वपूर्ण बात ये रही कि उन्होंने सभी अखाड़ों, दंडीबाड़ा, प्रयागवाल, खाकचौक का दौरा किया. इसके साथ ही वह हर वर्ग, जाति के साधु संतों से मिले और उनका सम्मान किया.

66 करोड़ से ज्यादा लोगों ने किया स्नान

45 दिनों तक चले महाकुंभ 2025 के महाआयोजन में 66 करोड़ से ज्यादा लोगों ने स्नान कर इतिहास बनाया. आज तक दुनिया भर में किसी एक आयोजन में इतने बड़े मानव समागम का कोई इतिहास नहीं है. यह संख्या भारत की आबादी का लगभग 50 फीसदी है, जबकि दुनिया के कई देशों की आबादी से कहीं ज्यादा है.

13 अखाड़ों की रही उपस्थिति

महाकुंभ 2025 में सभी 13 अखाड़ों की उपस्थिति रही, जिन्होंने तीनों अमृत स्नान में पुण्य डुबकी लगाकर परंपरा का निर्वहन किया. इन 13 अखाड़ों के साथ इनके अनुगामी अखाड़े भी सम्मिलित हुए, जिसमें जूना अखाड़े का अनुगामी अखाड़ा किन्नर अखाड़ा आकर्षण का केंद्र रहा. इन अखाड़ों ने महाकुंभ की परंपरा के अनुसार दीक्षा कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक संचालन संपन्न किया. विभिन्न अखाड़ों ने महामंडलेश्वर समेत अन्य पदों पर नियुक्तियां भी कीं.

4000 हेक्टेयर में बसाई गई महाकुंभ नगरी

महाकुंभ को इस बार भव्य और दिव्य बनाने के लिए योगी सरकार ने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी. 4000 हेक्टेयर में महाकुम्भ नगर को बसाया गया. पूरे मेला क्षेत्र को 25 सेक्टर में बांटा गया. 12 किमी में कई पक्के घाटों का निर्माण किया गया. 1850 हेक्टेयर में पार्किंग निर्मित की गई, जबकि 31 पांटून पुल, 67 हजार से ज्यादा स्ट्रीट लाइट्स, 1.5 लाख शौचालय और 25 हजार पब्लिक एकमोडेशन सुनिश्चित किए गए. योगी सरकार के द्वारा 7 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि खर्च की गई, जबकि केंद्र सरकार के सहयोग से कुल 15 हजार करोड़ रुपए से पूरे प्रयागराज का कायाकल्प किया गया. 

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Published by: Amitabh kumar

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