रायगड़ा कॉल टू एक्शन 2026, ग्रामीण चर्चा से उभरा सामुदायिक विकास का नया संकल्प

Raigarh Call To Action 2026: बिसम कटक में आयोजित ग्रामीण चर्चा 2026 का समापन ‘रायगड़ा कॉल टू एक्शन’ के साथ हुआ. कार्यक्रम का आयोजन ओडिशा श्रमजीवी मंच, महिला श्रमजीवी मंच और एनसीसीएम ने किया. खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समुदाय में एकजुटता बढ़ाई. यह पहल ओडिशा विजन 2036 और विकसित भारत 2047 की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.

Raigarh Call To Action 2026: बिसम कटक में आयोजित ग्रामीण चर्चा 2026 का समापन एक मजबूत और साझा संकल्प- रायगड़ा कॉल टू एक्शन के साथ हुआ. इस कार्यक्रम का आयोजन ओडिशा श्रमजीवी मंच, महिला श्रमजीवी मंच और नेशनल कंसोर्टियम टू कॉम्बैट मालन्यूट्रिशन (एनसीसीएम) की ओर से किया गया. आयोजन में आत्मशक्ति ट्रस्ट, सोक्रेटस, कॉमन ग्राउंड और फाउंडेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी का सहयोग प्राप्त रहा. आयोजन का समापन खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ, जिसने समुदायों के बीच एकजुटता और आत्मविश्वास को और मजबूत किया. आयोजकों ने कहा कि रायगड़ा से उठी यह पहल ओडिशा विजन 2036 और विकसित भारत 2047 की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी.

Raigarh call to action 2026

तीन दिवसीय इस राष्ट्रीय मंच में सात राज्यों से आए 2,000 से अधिक आदिवासी नेता, महिलाएं, युवा और जमीनी कार्यकर्ता शामिल हुए. 50 से अधिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए. चर्चाओं से यह स्पष्ट हुआ कि विकास की दिशा अब ऊपर से तय नहीं होगी, बल्कि समुदाय स्वयं अपने विकास की अगुवाई करेंगे.

Raigarh call to action 2026

पैनल चर्चाओं और कार्यशालाओं में कृषि, स्थानीय उद्यम और सतत संसाधन प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया. करीब 3,000 गांवों और 1.27 लाख परिवारों के अनुभवों के आधार पर बेहतर भूमि उपयोग, दूसरी फसल, गांव स्तर पर प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन को आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था की कुंजी बताया गया.

प्रतिभागियों ने सिंचाई की कमी, बाजार तक सीमित पहुंच, पलायन, पारंपरिक आजीविकाओं में गिरावट और पेयजल संकट जैसे मुद्दे उठाए. समाधान के तौर पर सौर सिंचाई, जल संरक्षण, स्थानीय प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना और वन आधारित आजीविकाओं को बढ़ावा देने के सुझाव सामने आए.

बता दें कि सामुदायिक नेतृत्व में तैयार किया गया यह एक स्पष्ट रोडमैप है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाना, स्थानीय पारिस्थितिकी की रक्षा करना और गांव स्तर पर शासन को मजबूत करना है. यह पहल विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप मानी जा रही है.

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लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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