Karnataka में PayCM अभियान पर गरमाई सियासत, CM के खिलाफ पोस्टर मामले में हिरासत में लिए गए कांग्रेस नेता

Karnataka PayCM Posters Politics: बेंगलुरु के कई हिस्सों में सीएम बोम्मई की तस्वीर वाले ऐसे पोस्टर लगाए गए, जिन पर पेसीएम लिखा हुआ था. शहर के मध्य क्षेत्र में दिखाई दिये ये पोस्टर ऑनलाइन भुगतान ऐप पेटीएम के विज्ञापनों से मिलते-जुलते थे.

Karnataka PayCM Posters Politics: कर्नाटक में कांग्रेस ने मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई पर निशाना साधने के अपने अभियान को तेज करते हुए शुक्रवार को बेंगलुरु के पास नेलमंगला में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यालय में ‘पेसीएम’ के पोस्टर लगाए. कांग्रेस ने बाद में अपने पेसीएम अभियान की तस्वीरें मीडिया के साथ साझा कीं. वहीं, बाद में इस मामले में कई कांग्रेसी नेताओं को हिरासत में लिया गया.

पूरे राज्य में जारी रहेगा पेसीएम अभियान: सिद्धारमैया

न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, कर्नाटक में कांग्रेस के स्टेट चीफ डीके शिवकुमार, विपक्ष के नेता सिद्धारमैया और सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला सहित कई कांग्रेस नेताओं ने शुक्रवार शाम बेंगलुरु में मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के खिलाफ ‘पेसीएम’ (PayCM) के पोस्टर चिपकाए. बाद में उन्हें हिरासत में लिया गया. इस दौरान कर्नाटक एलओपी सिद्धारमैया ने कहा कि हां, पेसीएम पोस्टर विरोध पूरे राज्य में जारी रहेगा. यह कांग्रेस पार्टी द्वारा इस 40 फीसदी भ्रष्टाचार सरकार के खिलाफ एक अभियान है.


कर्नाटक में भ्रष्ट सरकार: सुरजेवाला

कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि सरकार पुलिस के डंडे और क्रूरता के माध्यम से शासन करना चाहती हैं. यह भ्रष्ट सरकार है. बोम्मई सरकार के भ्रष्टाचार ने उनको खुद ही जनता के सामने बेनकाब कर दिया है. सुरजेवाला ने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब लोग बोम्मई सरकार को उखाड़ कर अरब सागर में फेंक देंगे.

‘पेसीएम’ पोस्टर ड्राइव राजनीति से प्रेरित: सीएम बोम्मई

वहीं, कांग्रेस के ‘पेसीएम’ पोस्टर ड्राइव पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई कोई भी आरोप सही नहीं है. उन्होंने कोई सबूत नहीं दिया है. यह सब राजनीति से प्रेरित है. सीएम ने कहा कि मैंने उन्हें सबूत पेश करने की चुनौती दी है. कांग्रेस के कार्यकाल में कई घोटाले हुए जिनकी जांच की जानी चाहिए.

जानें पूरा मामला

इससे पहले, इस मामले में बोम्मई के निर्देश पर जांच कर रही पुलिस ने बुधवार को कांग्रेस की कर्नाटक इकाई के सोशल मीडिया दल के पूर्व प्रमुख बी आर नायडू को गिरफ्तार किया था. बता दें कि बेंगलुरु के कई हिस्सों में बुधवार को सीएम बोम्मई की तस्वीर वाले ऐसे पोस्टर लगाए गए, जिन पर पेसीएम लिखा हुआ था. शहर के मध्य क्षेत्र में दिखाई दिये ये पोस्टर ऑनलाइन भुगतान ऐप पेटीएम के विज्ञापनों से मिलते-जुलते थे. कांग्रेस के अभियान के तहत लगाये गये पोस्टर में बने क्यूआर कोड के बीच में बोम्मई के चेहरे की तस्वीर लगाते हुए लिखा गया था, 40 फीसदी यहां लिया जाता है. खबरों के अनुसार, इस क्यूआर कोड को स्कैन करने पर लोग कांग्रेस द्वारा रिश्वतखोरी की शिकायतों के लिए हाल में शुरू की गयी 40 प्रतिशत सरकार वेबसाइट पर पहुंच जाते हैं. वहीं, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नलिन कुमार कटील ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस मुख्यमंत्री पर झूठा आरोप लगा रही है और इस आरोप से कर्नाटक का अपमान हुआ है.

क्या है कांग्रेस का आरोप

कांग्रेस का आरोप है कि कर्नाटक सरकार ठेकेदारों को लोक निर्माण कार्यों के ठेके देने के लिए उनसे 40 प्रतिशत कमीशन लेती है. कांग्रेस ने कुछ दिन पहले वेबसाइट शुरू की थी. पार्टी अगले साल होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव से पहले ठेकेदार संतोष पाटिल की मौत का मुद्दा उठाने का प्रयास कर रही है, जिन्होंने इस साल की शुरुआत में उडूपी के एक होटल में खुदकुशी कर ली थी. पाटिल ने आरोप लगाया था कि तत्कालीन ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री के एस ईश्वरप्पा अपने जिले में एक सरकारी काम के लिए 40 प्रतिशत कट यानि कमीशन मांग रहे हैं. आरोपों के बाद ईश्वरप्पा ने इस्तीफा दे दिया था. हालांकि, पुलिस की जांच में उन्हें क्लीन चिट दे दी गयी.

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लेखक के बारे में

By Samir Kumar

More than 15 years of professional experience in the field of media industry after M.A. in Journalism From MCRPV Noida in 2005

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