jammu Kashmir: लोकसभा चुनाव के साथ नहीं हो रहा जम्मू-कश्मीर Assembly Election, आयोग ने दिया यह जवाब

jammu kashmir: लोकसभा चुनाव की तीथि की घोषणा चनाव आयोग ने कर दी है. लोकसभा चुनाव के साथ ही चार राज्य आंध्र प्रदेश, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और ओडिशा में विधानसभाओं चुनाव हो रहे हैं. वहीं, सुरक्षा कारणों से चुनाव आयोग लोकसभा चुनाव के साथ जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव नहीं करा रहा है.

jammu kashmir: लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है. मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने आज यानी शनिवार को लोकसभा चुनाव 2024 (Lok Sabha Election 2024) की तारीखों का ऐलान कर दिया है. 18वीं लोकसभा की 543 सीटों के लिए सात चरण में चुनाव होंगे. 19 अप्रैल से 1 जून तक वोटिंग होगी. 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक फेज में वोट डाले जाएंगे. वहीं, चुनाव आयुक्त ने कहा है कि लोकसभा चुनाव के तुरंत बाद जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराया जाएगा. राजीव कुमार ने कहा कि आयोग आम चुनाव के बाद जम्मू कश्मीर में चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है.

मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कारण

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने जम्मू-कश्मीर में संसदीय और विधानसभा चुनाव एक साथ नहीं कराने पर कहा कि श्रीनगर और जम्मू की हमारी हालिया यात्रा के दौरान जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने हमें बताया कि अधिक सुरक्षा आवश्यकताओं के कारण एक ही समय में दो चुनाव नहीं कराए जा सकते. राजीव कुमार ने कहा कि प्रशासन ने हमें बताया कि प्रत्येक विधानसभा के लिए करीब 10 से 12 उम्मीदवार होंगे. उन्होंने कहा कि इस हिसाब से करीब  1000 उम्मीदवार मैदान में होंगे. जिसका सीधा अर्थ है कि प्रत्येक उम्मीदवार को उचित सुरक्षा कवर दिया जाना चाहिए और इसके लिए अतिरिक्त बलों की अधिक जरूरत होगी. उन्होंने कहा कि आयोग लोकसभा के तुरंत बाद जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है. मतदान तब होगा जब सुरक्षा बल उपलब्ध होंगे.

फारूक अब्दुल्ला ने दिया बयान

इधर चुनाव की तारीखों का ऐलान होने के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि एक तरफ भारत सरकार एक देश, एक चुनाव चाहती थी और दूसरी तरफ वे 4 राज्यों में राज्य चुनाव और संसदीय चुनाव करा रहे हैं, लेकिन जम्मू-कश्मीर में चुनाव कराने से इनकार किया जा रहा है? उन्होंने कहा कि ऐसा क्यों… अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में जब हर पार्टी चुनाव चाहती थी तो क्या कारण है कि ऐसा नहीं किया जा रहा है? अगर वे कहते हैं कि सुरक्षा इसका कारण है, तो मुझे ऐसा नहीं लगता. यह कैसे हो सकता है कि संसदीय के लिए सुरक्षा ठीक है चुनाव और राज्य चुनाव के लिए नहीं.

जम्मू कश्मीर में पांच चरण में होंगे लोकसभा चुनाव

गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव की तिथि की घोषणा चुनाव आयोग ने कर दी है. लोकसभा चुनाव के साथ ही चार राज्य आंध्र प्रदेश, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और ओडिशा में विधानसभाओं चुनाव हो रहे हैं. वहीं, सुरक्षा कारणों से चुनाव आयोग लोकसभा चुनाव के साथ जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव नहीं करा रहा है. बता दें, इस बार लोकसभा चुनाव सात चरणों में होंगे. पहले चरण की वोटिंग 19 अप्रैल को होगी. और सातवें चरण की वोटिंग 1 जून को होगी. वहीं. वोटों की गिनती 4 जून को होगी. 16 जून को मौजूदा सरकार का कार्यकाल खत्म हो रहा है.

Also Read: Lok Sabha Election 2024: चुनाव प्रचार में नफरती भाषणों पर रोक, राजनीतिक दलों के लिए एडवाइजरी जारी

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >