Happy International Yoga Day (yoga diwas) 2020 Live News Updates, Yoga Day Celebration,Pm narendra modi: दुनियाभर में छाए कोरोना संकट के बीच आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का ये दिन एकजुटता का दिन है, ये विश्व बंधुत्व के संदेश का दिन है. जो हमें जोड़े, साथ लाये वही तो योग है. जो दूरियों को खत्म करे, वही तो योग है.
कोरोना के इस संकट के दौरान दुनिया भर के लोगों का माय लाइफ- माय योगा वीडियो ब्लॉगिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लेना, दिखाता है कि योग के प्रति उत्साह कितना बढ़ रहा है. हमारे यहां कहा गया है- ‘युक्त आहार विहारस्य, युक्त चेष्टस्य कर्मसु. युक्त स्वप्ना-व-बोधस्य, योगो भवति दु:खहा’ . यानी सही खान-पान, सही ढंग से खेल-कूद, सोने-जागने की सही आदतें, और अपने काम, अपनी ड्यूटी को सही ढंग से करना ही योग है. उन्होंने कहा, ‘गीता में भगवान कृष्ण ने योग की व्याख्या करते हुए कहा है- ‘योगः कर्मसु कौशलम्’अर्थात्, कर्म की कुशलता ही योग है.
‘फैमिली बॉन्डिंग’ को बढ़ाने का दिन
क सजग नागरिक के रूप में हम परिवार और समाज के रूप में एकजुट होकर आगे बढ़ेंगे. हम प्रयास करेंगे कि ‘घर पर करें योग और परिवार के साथ करें योग’ को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं. हम जरूर सफल होंगे, हम जरूर विजयी होंगे. पीएम मोदी ने कहा- बच्चे, बड़े, युवा, परिवार के बुजुर्ग, सभी जब एक साथ योग के माध्यम से जुडते हैं, तो पूरे घर में एक ऊर्जा का संचार होता है. इसलिए, इस बार का योग दिवस, भावनात्मक योग का भी दिन है, हमारी ‘फैमिली बॉन्डिंग’ को भी बढ़ाने का दिन है.
कोरोना संकट में योग जरूरी
पीएम मोदी ने कहा कि विश्व कोरोना वायरस महामारी के कारण योग की आवश्यकता को आज और भी अधिक महसूस कर रहा है. यदि हमारी इम्युनिटी मजबूत है तो यह बीमारी से लड़ने में मदद करता है. उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस खासतौर पर हमारे श्वसन तंत्र पर अटैक करता है. हमारे श्वसन तंत्र को मजबूत करने में जिससे सबसे ज्यादा मदद मिलती है, वो है प्राणायाम. उन्होंने कहा कि आप प्राणायाम को अपने नियमित अभ्यास में जरूर शामिल करिए, और अनुलोम-विलोम के साथ ही दूसरी प्राणायाम तकनीकों को भी सीखिए.
सुख संकट में अडिग रहने का नाम योग
पीएम मोदी ने स्वामी विवेकानंद का जिक्र करते हुए कहा कि वह कहते थे, ‘एक आदर्श व्यक्ति वो है जो नितांत निर्जन में भी क्रियाशील रहता है, और अत्यधिक गतिशीलता में भी सम्पूर्ण शांति का अनुभव करता है. किसी भी व्यक्ति के लिए ये एक बहुत बड़ी क्षमता होती है और योग इसमें मदद करता है. उन्होंने कहा कि योग का अर्थ ही है- ‘समत्वम् योग उच्यते’ अर्थात, अनुकूलता-प्रतिकूलता, सफलता-विफलता, सुख-संकट, हर परिस्थिति में समान रहने, अडिग रहने का नाम ही योग है.
इस साल की योग दिवस की थीम
योग दिवस दुनियाभर में पहली बार 21 जून 2015 को मनाया गया और तबसे हर साल इस दिन को योग दिवस के तौर पर मनाया जाता है. लेकिन यह पहला मौका है जब इसे डिजिटल तरीके से मनाया जा रहा है. इस साल की योग दिवस की थीम ‘घर पर योग और परिवार के साथ योग’ है.
Posted By: Utpal kant
