India-China Tension: भारत-चीन के बीच झड़प की गूंज संसद में, लोकसभा में जोरदार हंगामा

India-China Tension Updates: कांग्रेस ने अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारत-चीन गतिरोध पर चर्चा के लिए नियम 176 के तहत राज्यसभा में छोटी अवधि की चर्चा का नोटिस दिया है. असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि यह क्यों हुआ और हमारे फौजियों की हालत कैसी है और क्या सरकार सर्जिकल स्ट्राइक करेगी ?

India-China Border Clash Updates: भारतीय और चीनी के सैनिकों के बीच एक बार फिर वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर झड़प हुई. दोनों देशों की सेना अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में आमने-सामने आ गयीं थीं. जानकारी के अनुसार 9 दिसंबर को चीनी पीएलए सैनिकों और भारतीय सैनिकों के बीच तवांग सेक्टर में संघर्ष हुआ जिसके बारे में जानकारी 12 दिसंबर को सामने आयी. इधर, चीनी सेना से झड़प पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने अहम बैठक बुलायी है जिसमें विदेश मंत्री और CDS भी मौजूद रहेंगे.

बताया जा रहा है कि संघर्ष के तुरंत बाद दोनों पक्ष इलाके से पीछे हट गये. चीनी पीएलए सैनिकों की संख्या लगभग 300 थी जो भारी तैयारी के साथ आए थे, उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका सामना करने के लिए भारतीय सैनिक पूरी तरह से तैयार होंगे. भारतीय सैनिकों ने चीनी सैनिकों को करारा जवाब दिया. घायल चीनी सैनिकों की संख्या भारतीय सैनिकों की तुलना में अधिक है. इस संघर्ष की गूंज आज संसद में सुनायी देगी. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज दोपहर 12 बजे लोकसभा में जबकि दोपहर 2 बजे राज्यसभा में बयान देंगे. मामले को लेकर सदन में हंगामा जारी है.

अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारतीय एवं चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प के मुद्दे पर मंगलवार को लोकसभा में विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही आरंभ होने के करीब 10 मिनट के बाद दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गयी.

आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद राघव चड्ढा ने 9 दिसंबर को अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारत-चीन सैनिकों के बीच हुए संघर्ष पर राज्यसभा में नियम 267 के तहत सस्पेंशन ऑफ बिजनेस नोटिस दिया था.

रक्षा मंत्री को दी जाएगी जानकारी

डिफेंस सोर्स के हवाले से न्यूज एजेंसी एएनआई ने खबर दी है कि चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, सेना प्रमुख चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा स्थिति पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को जानकारी देंगे. सुरक्षा बलों ने उन्हें हाल ही में तवांग में दोनों पक्षों के सैनिकों के बीच हुई झड़पों के बारे में अपडेट किया.

सदन में मामले पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव

कांग्रेस सांसद सैयद नासिर हुसैन ने अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारत-चीन गतिरोध पर चर्चा के लिए नियम 176 के तहत राज्यसभा में छोटी अवधि की चर्चा का नोटिस दिया था. पार्टी के सांसद मनीष तिवारी ने सदन में मामले पर चर्चा के लिए लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया था. अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में LAC पर चीनी सैनिकों के साथ झड़प में घायल हुए भारतीय सैनिकों को असम के गुवाहाटी में एक सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

असदुद्दीन ओवैसी का सरकार पर हमला

मामले को लेकर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि यह क्यों हुआ और हमारे फौजियों की हालत कैसी है और क्या सरकार सर्जिकल स्ट्राइक करेगी ? यह सब सरकार को बताना चाहिए इसलिए हम कल सदन में स्थगन प्रस्ताव लाएंगे. यह देश की ज़मीन का मामला है ना ही राजनीतिक मुद्दा. उन्होंने कहा कि झड़प 9 को हुई थी. जब संसद का सत्र चल रहा था तो सरकार ने संसद में उसी दिन क्यों नहीं बताया ? मुझे अपनी सेना पर पूरा भरोसा है लेकिन सरकार का कमजोर नेतृत्व है कि वह चीन का नाम तक नहीं लेते. इस पर सदन में चर्चा होनी चाहिए.

भारतीय जवान एक इंच भी नहीं हिले

इधर अरुणाचल-पूर्व से BJP MP तपीर गाव ने कहा है कि 9 दिसंबर को अरुणाचल प्रदेश के तवांग में PLA और भारतीय सेना के बीच झड़प हुई और इसमें हमारे सेना घायल हुए हैं लेकिन PLA में ज्यादा लोग घायल हुए हैं. सीमा पर तैनात भारतीय जवान एक इंच भी नहीं हिले. अब स्थिति ठीक है. ये जो भी हुआ वह निंदनीय है.

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लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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