गांधीनगर: गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. गुजरात में विधानसभा चुनाव से करीब डेढ़ साल पहले पहले विजय रूपाणी के इस्तीफा देने से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और प्रदेश की राजनीति में गहमागहमी बढ़ गयी है. इसके साथ ही सवाल उठने लगे हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद गुजरात का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा?
शनिवार को गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत से मिलकर विजय रूपाणी ने अपना इस्तीफा सौंप दिया. इस्तीफा देने के बाद उन्होंने गुजरात की जनता, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का आभार जताया. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के शासनकाल में गुजरात ने विकास के नये आयाम गढ़े. उन्होंने गुजरात का नेतृत्व करने का अवसर देने के लिए सबको धन्यवाद.
विजय रूपाणी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का उन्हें निरंतर मार्गदर्शन मिला. उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि गुजरात की विकास की यात्रा पीएम के नेतृत्व में एक नये उत्साह, नयी ऊर्जा के साथ नये नेतृत्व में आगे बढ़ना चाहिए. इसको ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दिया है.
श्री रूपाणी ने कहा कि संगठन एवं विचारधारा आधारित दल होने के नाते भारतीय जनता पार्टी की यह परंपरा रही है कि समय के साथ-साथ कार्यकर्ताओं के दायित्व बदलते रहते हैं. यह हमारी पार्टी की विशेषता है कि जिस व्यक्ति जो दायित्व दिया जाता है, पार्टी कार्यकर्ता पूरे मनोयोग से उसका निर्वहन करते हैं. मुख्यमंत्री के रूप में मैंने अपनी सेवा दी. अब पार्टी संगठन में नयी ऊर्जा के साथ काम करने की मैंने इच्छा जतायी है. पार्टी मुझे जो भी जिम्मेदारी देगी, पीएम मोदी के नेतृत्व में काम करता रहूंगा.
इनमें से कोई बन सकता है गुजरात का मुख्यमंत्री
मनसुख मंडाविया, नितिन पटेल, सीआर पाटील और पुरुषोत्तम रुपाला समेत कई नाम सामने आये हैं, जो गुजरात के नये मुख्यमंत्री बन सकेत हैं. मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि कोरोना वायरस को नियंत्रित करने में विजय रूपाणी पूरी तरह से फेल रहे थे. ऑक्सीजन की कमी से काफी संख्या में लोगों की मौत हुई है. टीवी मीडिया का कहना है कि विजय रूपाणी मुख्यमंत्री के रूप में कोरोना को कंटरोल करने में पूरी तरह से नाकाम रहे.
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उल्लेखनीय है कि गुजरात में वर्ष 2017 का विधानसभा चुनाव विजय रूपाणी के नेतृत्व में लड़ा गया था और तब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का प्रदर्शन बहुत खराब रहा था. पार्टी सिर्फ 99 सीटें जीत पायी, जबकि कांग्रेस 77 सीटें जीतने में कामयाब हो गयी थी. यह भी बताया जा रहा है कि केंद्रीय नेतृत्व विजय रूपाणी से नाराज चल रहा था. उल्लेखनीय है कि गुजरात में लगातार 27 साल से भारतीय जनता पार्टी की सरकार चल रही है.
Posted By: Mithilesh Jha
