खास बातें
Coal Smuggling Case: सुप्रीम कोर्ट ने कोयला तस्करी मामले में मुख्य आरोपी अनूप माजी उर्फ ‘लाला’ को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की अनुमति प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को दे दी है. सुप्रीम कोर्ट ने ईडी को लाला को हिरासत में लेकर पूछताछ करने का आदेश दिया है. अनूप माजी लंबे समय से केंद्रीय एजेंसियों की जांच के दायरे में है, लेकिन अब तक उसे हिरासत में नहीं लिया जा सका है.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जांच में तेजी आने की उम्मीद
ईडी ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि अदालत से मिले संरक्षण के कारण वह लाला को हिरासत में लेकर पूछताछ नहीं कर पा रही है. सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजरिया की बेंच ने इस बाधा को खत्म कर दिया. देश की सबसे बड़ी अदालत ने कहा कि ईडी अनूप माजी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर सकती है. इससे जांच में तेजी आने की उम्मीद है.
सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी थी अग्रिम जमानत
इससे पहले लाला को कई बार समन भेजा गया, लेकिन वह ईडी के सामने पेश नहीं हुआ. जुलाई 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी. आरोप है कि कोयला खदानों से अवैध रूप से कोयला निकालकर उसकी तस्करी की जाती थी, जिसमें ईसीएल, सीआईएसएफ और रेलवे के कुछ कर्मियों की मिलीभगत है. सीबीआई ने लाला की संपत्ति जब्त की है.
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आसनसोल की अदालत ने लाला को दिया था सरेंडर का नोटिस
आसनसोल की निचली अदालत ने 2024 में लाला को आत्मसमर्पण करने का नोटिस भेजा था. संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया था. बाद में सुप्रीम कोर्ट से उसे अंतरिम राहत मिली. शर्त यह थी कि वह जांच में सहयोग करेगा, निचली अदालत के निर्देशों का पालन करेगा और क्षेत्र नहीं छोड़ेगा.
सुप्रीम कोर्ट से लाला को मिला हुआ था संरक्षण
ईडी सूत्रों के अनुसार, हाल में जब एजेंसी ने लाला को हिरासत में लेने की कोशिश की, तो सुप्रीम कोर्ट से मिले संरक्षण के कारण वह ऐसा नहीं कर पायी. इसीलिए शीर्ष अदालत की अनुमति जरूरी थी. अब अनुमति मिलने के बाद ईडी पूछताछ की प्रक्रिया तेज करेगी.
पुरुलिया के रघुनाथपुर क्षेत्र का मूल निवासी है अनूप माजी
अनूप माजी का जन्म पुरुलिया जिले के रघुनाथपुर क्षेत्र में हुआ था. बाद में वह पश्चिम बर्दवान के आसनसोल में सक्रिय हुआ. वहीं कथित रूप से कोयला तस्करी नेटवर्क से जुड़ गया. जांच एजेंसियों का दावा है कि इस अवैध कारोबार में करोड़ों रुपए का लेन-देन हुआ और इसमें कई प्रभावशाली लोगों के नाम भी सामने आये.
जयदेव मंडल और विनय मिश्रा भी हैं आरोपी
इस मामले में अन्य आरोपियों में जयदेव मंडल और विनय मिश्रा का नाम भी शामिल है. विनय मिश्रा लंबे समय से फरार है, जबकि जयदेव मंडल जमानत पर बाहर है. अब तक केंद्रीय एजेंसियों को लाला की कस्टडी नहीं मिल पायी थी. सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद जांच एजेंसियों को अहम बढ़त मिली है.
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