इलेक्शन कमीशन की सख्ती के बाद बंगाल के 4 अधिकारियों पर दर्ज हुई प्राथमिकी

West Bengal Voter List FIR: इलेक्शन कमीशन की सख्ती के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी के आरोप में 4 अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती ने आयोग को इसकी जानकारी दी. एसआईआर प्रक्रिया से पहले सामने आये मामले में डेटा एंट्री कर्मी पर भी लापरवाही का आरोप है.

West Bengal Voter List FIR: चुनाव आयोग की सख्ती के बाद आखिरकार पश्चिम बंगाल सरकार ने अपने 4 अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया है. मंगलवार शाम 5 बजे तक एफआईआर दर्ज करने का आखिरी दिन था. मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती ने आयोग को पत्र लिखकर एफआईआर दर्ज किये जाने की जानकारी दे दी है.

4 अफसरों पर मतदाता सूची में गड़बड़ी करने के आरोप

एसआईआर प्रकिया शुरू होने से पहले राज्य के 4 अधिकारियों पर मतदाता सूची में जान-बूझकर गड़बड़ी करने का मामला सामने आया था. इन 4 अधिकारियों के अलावा डेटा एंट्री के काम में शामिल एक कर्मचारी पर भी लापरवाही करने का आरोप लगा था.

मुख्य सचिव को इलेक्शन कमीशन ने किया था तलब

इसके बाद ही इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया ने बंगाल से चारों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया, लेकिन राज्य की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गयी. इसके बाद आयोग ने मुख्य सचिव को शुक्रवार को दिल्ली स्थित चुनाव आयोग कार्यालय में तलब किया और मंगलवार तक एफआईआर करने का अल्टीमेटम दे दिया.

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West Bengal Voter List FIR: ये हैं 4 अधिकारी, जिन पर दर्ज हुआ है केस

इन चारों अधिकारियों के नाम तथागत मंडल, देवत्तम दत्ताचौधरी, बिप्लब सरकार और सुदीप्त दास हैं. देवत्तम और तथागत बारुईपुर पूर्व के ईआरओ और एईआरओ के तौर पर काम कर रहे थे, जबकि बिप्लब और सुदीप्त को पूर्व मेदिनीपुर के मयना विधानसभा का काम सौंपा गया था.

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By Mithilesh Jha

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