Five States Assembly Election 2022 उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सियासी दलों ने तैयारियां शुरू कर दी है. वहीं, केंद्रीय चुनाव आयोग ने भी आगामी चुनावों को लेकर अपनी तैयारियों पर मंथन शुरू कर दिया है. इसी कड़ी में बुधवार को केंद्रीय चुनाव आयोग में एक बैठक बुलाई गई.
जानकारी के मुताबिक, चुनाव आयोग ने आज गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. जिसमें इन राज्यों में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर चर्चा की गई. बताया जाता है कि केंद्रीय चुनाव आयोग की ओर से बुलाई गई यह बैठक मतदान केंद्रों पर न्यूनतम सुविधाएं सुनिश्चित करने पर केंद्रित थी. इस दौरान पांचों राज्यों के सीईओ से कहा गया कि उन्हें मतदान केंद्रों पर बुनियादी सुविधाओं की पूर्ति, लॉजिस्टिक जरूरतों, मतदाता सूचियों की अपडेट करने, उनकी समीक्षा करने, वोटरों को जागरूक व सशक्त करने जैसे काम करना चाहिए.
बता दें कि केंद्रीय चुनाव आयोग में आम तौर पर हर हफ्ते अलग-अलग मुद्दों को लेकर चुनाव आयुक्तों की मीटिंग होती है. हालांकि, बुधवार को हुई बैठक को इस कारण से अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें अगले साल की शुरुआत में पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर चर्चा की गई. मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों से मिली जानकारी के हवाले से बताया जा रहा है कि इस बैठक में पांचों राज्यों के चुनाव आयोग शामिल हुए और इन चुनाव आयुक्तों के साथ ही अलग-अलग राज्यों से जुड़े चुनाव अधिकारी भी मौजूद रहे.
गौरतलब हो कि बीते दिनों मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने कहा था कि चुनाव आयोग को पांचों राज्य उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, मणिपुर, उत्तराखंड के विधानसभा चुनाव अगले साल समय पर करा लेने का भरोसा है. उन्होंने यह भी कहा था कि कोरोना महामारी के बीच बिहार, पश्चिम बंगाल और चार अन्य राज्यों के विधानसभा चुनावों से काफी अनुभव मिले हैं. एक सवाल के जवाब में चंद्रा ने कहा था कि कोरोना की दूसरी लहर कमजोर हो रही है. हमने महामारी के दौरान बिहार में चुनाव कराए हैं. इसके बाद चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में चुनाव कराए हैं. हमने महामारी में भी चुनाव कराने का काफी अनुभव हासिल कर लिया है.
दरअसल, गोवा, मणिपुर, पंजाब और उत्तराखंड विधानसभाओं का कार्यकाल मार्च 2022 में समाप्त हो जाएगा. वहीं, उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल अगले साल मई तक चलेगा. इन पांच राज्यों में से चार में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार है, वहीं पंजाब में कांग्रेस (Congress) की सरकार है. इन पांचों राज्यों में उत्तर प्रदेश एक ऐसा राज्य है, जहां पर 400 से ज्यादा विधानसभा सीटें हैं. कोरोना काल में इतने बड़े राज्य में चुनाव को संपन्न करवाना केंद्रीय चुनाव आयोग के लिए एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है.
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