Coronavirus Lockdown : पीएम मोदी का राष्ट्र के नाम संदेश सुबह 10 बजे, जानिए क्या हो रही सरकार की तैयारी

Coronavirus Pandemic : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi ) मंगलवार 14 अप्रैल को सुबह 10 बजे राष्‍ट्र को संबोधित करने वाले हैं. यह जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से दिया गया. केंद्र सरकार ने कहा, लॉकडाउन में जिंदगी नहीं रुकनी चाहिए. जरूरी समान की सप्‍लाई के लिए ट्रक को छूट रहेगी. ट्रक में ड्राइवर और एक व्‍यक्ति को छूट.

नयी दिल्‍ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार सुबह 10 बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे. प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने यह जानकारी दी. कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लागू 21 दिन के लॉकडाउन की अवधि मंगलवार को खत्म होने जा रही है और प्रधानमंत्री इसके संभावित विस्तार को लेकर बात कर सकते हैं. इस बीच केंद्र सरकार ने कहा, लॉकडाउन में जिंदगी नहीं रुकनी चाहिए. जरूरी समान की सप्‍लाई के लिए ट्रक को छूट रहेगी. ट्रक में ड्राइवर और एक व्‍यक्ति को छूट.

पीएमओ ने ट्वीट किया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल 2020 को सुबह 10 बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे. पिछले महीने प्रधानमंत्री ने 19 मार्च और 24 मार्च को राष्ट्र को संबोधित किया था. उन्होंने 19 मार्च को कोरोना वायरस से निपटने के लिए संकल्प और संयम का आह्वान किया था और साथ ही रविवार 22 मार्च को एक दिन के ‘जनता कर्फ्यू’ की भी घोषणा की थी.

प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए 24 मार्च को 21 दिन के देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की थी. वहीं, तीन अप्रैल को मोदी ने एक वीडियो संदेश जारी कर लोगों से पांच अप्रैल को रात नौ बजे नौ मिनट के लिए घरों की सभी लाइटें बंद करके दीया, मोमबत्ती अथवा मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर कोरोना वायरस को हराने के लिए देश की एकजुटता को प्रदर्शित करने की अपील की थी.

देशव्यापी लॉकडाउन को बढ़ाने के लिए शनिवार 11 अप्रैल को हुई अहम बैठक में अधिकांश राज्यों के मुख्‍यमंत्रियों ने पीएम मोदी से अनुरोध किया था कि दो सप्ताह के लिए लॉकडाउन को बढ़ाया जाए, जिसके बाद से ही केंद्र इस मुद्दे पर विचार कर रही है.

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प्रधानमंत्री ने इससे पहले 24 मार्च को 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा थी. जो मंगलवार 14 अप्रैल को खत्‍म हो रहा है. इस बीच कई राज्‍यों ने तो बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण पहले ही लॉकडाउन बढ़ा दिया है. लॉकडाउन बढ़ाने वाले राज्‍यों सबसे पहले ओडिशा ने घोषणा की थी, उसके बाद दिल्‍ली, महाराष्‍ट्र और पंजाब ने भी लॉकडाउन बढ़ाया.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 11 अप्रैल को बैठक के दौरान राज्य सरकारों को लॉकडाउन के उल्लंघन को नियंत्रित करने के लिये कदम उठाने और लोगों के समाजिक मेल जोल से दूरी सुनिश्चित करने के लिये कहा है. उन्होंने ‘जान है तो जहां है’ कि जगह अब ‘जान भी, जहान भी’ पर ध्यान केन्द्रित करने की घोषणा की जिसे कई लोग उद्योग तथा कृषि समेत विभिन्न आर्थिक गतिविधियों के लिये लॉकडाउन में छूट के संकेत के तौर पर भी देख रहे हैं.

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मोदी ने मुख्यमंत्रियों से कहा कि कोरोना वायरस से बचाव की दृष्टि ये अगले तीन-चार सप्ताह काफी महत्वपूर्ण होने वाले हैं. संवाद के दौरान कई मुख्यमंत्रियों ने वायरस से निपटने के लिये केन्द्र सरकार की ओर से वित्तीय राहत की मांग की जबकि मोदी ने देश को स्वस्थ रहने और समृद्ध बनाने में मदद करने वास्ते किसानों की मदद के लिए कृषि उपज के प्रत्यक्ष विपणन को प्रोत्साहित करने समेत कई उपाय सुझाए. मोदी ने यह भी कहा कि यह संकट आत्मनिर्भर बनने और राष्ट्र को आर्थिक महाशक्ति बनाने का अवसर है.

लॉकडाउन को लेकर सरकार की तैयारी

लॉकडाउन बढ़ने की स्थिति में सरकार ने चरणबद्ध तरीके से राहत देने की तैयारी की है. पहले चरण में सूत्रों के हवाले से खबर है, ई-वाणिज्य, वाहन तथा रसायन के अलावा कपड़ा एवं परिधान, दवा, खाद्य प्रसंस्करण, खनिज एवं धातु आदि प्रमुख क्षेत्र हैं जिनमें धीरे-धीरे परिचालन शुरू करने की जरूरत है. वहीं दूसरे चरण में कृषि बाजारों, खाद्य एवं किराना डिलिवरी समेत ई-वाणिज्य, वाहन तथा वैसे रसायन जिनका इस्तेमाल साफ-सफाई में किया जाता है, इन्हें खोला जाना चाहिये.

इसके अलावा परीक्षण को बढ़ाने के लिये सरकार ने मानसिक चिकित्सा से जुड़े 14 अग्रणी संस्थानों को चिन्हित कर देश के सभी मेडिकल कालेजों को उन तरीकों से अवगत कराने को कहा है जिससे लोग बीमारी को छुपाने के बजाय अधिक से अधिक संख्या में परीक्षण के लिये अस्पतालों तक जायें.

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मेडिकल कालेजों को परीक्षण क्षमता को बढ़ावा देने के उपाय सुझाने के लिये चिन्हित किये गये संस्थानों में दिल्ली स्थित एम्स और निमहांस सहित 14 संस्थान शामिल हैं.

इस दौरान गृह मंत्रालय की संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने बताया कि मंत्रालय ने संक्रमण से सर्वाधिक प्रभावित इलाकों में लोगों को घर पर ही आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिये राज्य सरकारों के साथ मिलकर उपाय किये हैं. साथ ही मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों को आवश्यक वस्तुओं की अंतररज्यीय स्तर पर एवं राज्य की सीमा में आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिये स्पष्टीकरण भेजा है कि लॉकडाउन के दौरान इस प्रकार की वस्तुओं की आवाजाही पर कोई रोक नहीं है.

उन्होंने बताया कि इन दिनों लोगों के अपने कार्यालय के काम घर से ही करने, ऑनलाइन खरीदारी, और भुगतान में इजाफे के कारण साइबर अपराधों के बढ़ने की आशंका को देखते हुए मंत्रालय ने एहतियाती उपाय किये हैं.

श्रीवास्तव ने कहा कि इसके लिये ‘साइबर दोस्त’ ट्विटर हैंडल के माध्यम से लोगों को साइबर सुरक्षा के उपाय बता रहे हैं. वहीं, आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि केंद्र चरणबद्ध तरीके से आर्थिक गतिविधयां शुरू करने पर राज्यों के साथ चर्चा कर रहा है. केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी राजमार्ग निर्माण परियोजनाएं फिर शुरू करने के लिए राज्यों से बात कर रहे हैं.

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

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अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

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अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

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UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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