अपने ही देश में शी जिनपिंग का भारी विरोध, चीन को बर्बाद करने के साथ लग रहे हैं ये आरोप

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का अब उन्हीं के देश में विरोध होने लगा है, उन पर गंभीर आरोप लगाये जा रहे हैं.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का अब उन्हीं के देश में विरोध होने लगा है, उन पर गंभीर आरोप लगाये जा रहे हैं. चीन के प्रमुख राजनीतिक स्कूल की एक पूर्व प्रोफेसर काई शिआ ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया है कि जिनपिंग का अब अपनी ही पार्टी के भीतर काफी विरोध हो रहा है. बता दें कि काई शिआ कम्युनिस्ट पार्टी के ‘सेंट्रल पार्टी स्कूल’ में लोकतांत्रिक राजनीति की प्रोफेसर रहीं है, शी जिनपिंग कभी इस स्कूल के प्रमुख हुआ करते थें.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार काई शिआ ने अभी हाल में ही एक टीवी चैनल को इंटरव्यू दिय है. इस इंटरव्यू में उन्होंने आरोप लगाया है कि राष्ट्रपति शी जिनपिंगअपने ही देश को बर्बाद कर रहे हैं. उनका कहना है कि जिनपिंग चीन को तबाही की ओर ले जा रहे हैं. काई शिआ ने चीन को ‘दुनिया का दुश्मन’ बनाने के लिए शी जिनपिंग को ही जिम्मेदार ठहराया. काई शिआ ने कहा कि पार्टी में तमाम विरोध के बावजूद लोग इसलिए बोलते नहीं हैं क्योंकि वे डरते हैं कि उनसे राजनीतिक बदला लिया जा सकता है.

गौरतलब है कि शी जिनपिंग ने 2012 में सत्ता संभालने के बाद अपनी छवि बेहतर बनाने के प्रयासों में कई कदम उठा चुके हैं. मौजूदा समय में चीन दुनिया भर में अलग-थलग पड़ चुका है. उसने भारत-अमेरिका समेत दुनिया के कई देशों से पंगा ले रखा है. सीमा विवाद के साथ-साथ चीन इस समय कई देशों से आर्थिक झटका भी लगा है. भारत ने ही लद्दाख संकट के बाद चीन से कई करार तोड़ लिये हैं. भारत में चीन के कई मोबाइल ऐप भी बंद हो गये हैं, वहीं कोरोना वायरस की जानकारी दुनियाभर से छुपाने को लेकर अमेरिका ने अलग से चीन के खिपाफ मोर्चा खोल रखा है.

Posted BY : Rajat Kumar

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