Coal Shortage दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राष्ट्रीय राजधानी को बिजली की आपूर्ति करने वाले बिजली संयंत्रों को पर्याप्त कोयला और गैस देने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है. दरअसल, कोयल की कमी के कारण इससे चलने वाले देश के कुल 135 पावर प्लांट्स में से आधे से अधिक के पास महज दो से चार दिनों का कोल स्टॉक बचा है.
बता दें कि भारत जैसे देश में जहां 70 प्रतिशत बिजली का उत्पादन कोयले से होता है, वहां कोयले की कमी उत्पन्न होने वाले संकट का सीधा मतलब है बिजली गुल होने का खतरा. वह भी ऐसे वक्त में जब त्योहारी सीजन शुरू है. दरअसल, त्योहारों के समय बिजली की मांग बढ़ जाती है और औद्योगिक और घरेलू बिजली खपत दोनों पीक लेवल पर होते हैं.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोना महामारी की दूसरी लहर के कमजोर होने के साथ ही भारत में बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है. पिछले दो महीनों में ही बिजली की खपत में वर्ष 2019 के उसी अवधि के मुकाबले करीब 17 प्रतिशत की उछाल आई है. इसी दौरान वैश्विक स्तर पर कोयले की कीमतों में 40 प्रतिशत इजाफा हुआ है. जिससे भारत का कोयला आयात गिरकर दो साल के निम्नतम स्तर पर पहुंच गया है. नतीजा, दुनिया के दूसरे सबसे बड़े कोयला आयातक और चौथे सबसे बड़े स्टॉक वाले भारत के पास अब पर्याप्त स्टॉक ही नहीं है.
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