उत्तराखंड सरकार बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और उनके बेहतर भविष्य को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल कर रही है. इसी क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक कार्यक्रम के दौरान एक छोटी बच्ची से आत्मीय मुलाकात की. मुख्यमंत्री ने बच्ची को स्नेहपूर्वक चॉकलेट दिया और उससे बातचीत की. इस दौरान हुआ एक छोटा-सा संवाद सबके आकर्षण का केंद्र बन गया है.
बेटियां ही प्रदेश की सबसे बड़ी शक्ति
मुख्यमंत्री ने जब बच्ची से उसका नाम पूछा तो उसने मुस्कुराते हुए जवाब दिया-श्री पुष्कर सिंह धामी. बच्ची का यह मासूम जवाब सुनकर सीएम धामी मुस्कुरा उठे. मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री धामी ने कहा, हमारे नौनिहालों की मुस्कान में उत्तराखंड के सुनहरे कल की झलक दिखती है. हमारी बेटियां ही प्रदेश की सबसे बड़ी शक्ति हैं. उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए सुरक्षित, शिक्षित और सशक्त उत्तराखंड का निर्माण हमारा संकल्प है.
नंदा गौरा योजना से बच्चियों को दी जा रही सहायता
राज्य सरकार का कहना है कि बेटियों को शिक्षा और आत्मनिर्भरता से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. इसी दिशा में नंदा गौरा योजना जैसी पहल के माध्यम से बालिकाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है, ताकि उनके जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक परिवारों को सहयोग मिल सके. इसके अलावा स्कूलों में बेटियों के नामांकन बढ़ाने, छात्रवृत्ति, बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं और महिला सुरक्षा से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों पर भी सरकार विशेष जोर दे रही है. सरकार का मानना है कि जब बेटियां शिक्षित और आत्मविश्वासी बनेंगी, तभी उत्तराखंड का समग्र विकास संभव होगा.
ये भी पढ़ें :CJP ने दी चेतावनी- सुप्रीम कोर्ट के आदेश की आड़ में, सरकार छात्रों को धोखा देने की ना सोचें
