Opportunities For Agniveers: अग्निपथ योजना के खिलाफ कई दिनों से देश भर में हिंसक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. इस बीच, अलग-अलग राज्यों की सरकारों के अलावा अलग-अलग मंत्रालयों में अग्निवीरों को चार साल की सेवा के बाद नौकरी की पेशकश की जा रही है. अब विमानन मंत्रालय ने कहा है कि सेना में चार साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद कुशल एवं अनुशासित अग्निवीरों को अलग-अलग काम दिये जायेंगे.
अग्निवीरों को पंख देगा नागर विमानन मंत्रालय
नागर विमानन मंत्रालय अग्निवीरों को पंख देने के लिए आगे आया है, ताकि वे अपने जीवन में ऊंची उड़ान भर सकें. दरअसल, मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि वह अग्निवीरों को अपने यहां काम देने के लिए तैयार है. अग्निवीर जब सेना में अपना चार साल का कार्यकाल पूरा करके बाहर आयेंगे, तो उन्हें एयर ट्रैफिक संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जायेगी. एयरक्राफ्ट टेक्नीशियन के रूप में भी उनकी सेवा ली जा सकती है.
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विमानन मंत्रालय अग्निवीरों को देगा ये काम
सेना की सेवा से बाहर आने वाले युवाओं को एयरक्राफ्ट के मेंटनेंस, रिपेयर एवं ऑवरहॉलिंग का काम मंत्रालय की ओर से दिया जायेगा. मौसम विज्ञान के अलावा एयर एक्सिडेंट इन्वेस्टिगेटर के रूप में भी इनकी सेवा ली जायेगी. ऐसे युवा विमान सुरक्षा, प्रशासनिक, वित्तीय और सूचना प्रौद्योगिकी के साथ-साथ संचार विभाग में भी नियुक्त किये जायेंगे. लॉजिस्टिक्स एवं सप्लाई चेन मैनेजमेंट में भी इनकी सेवा विमानन मंत्रालय लेगी.
असम राइफल्स और सीएपीएफ में होगी अग्निवीरों को नियुक्ति
बता दें कि गृह मंत्रालय पहले ही कह चुका है कि अग्निवीर जब सेवा समाप्त करके आर्मी, नेवी और वायुसेना से बाहर आयेंगे, तो असम राइफल्स और सीएपीएफ में उनकी नियुक्ति की जायेगी. इन सेवाओं में उन्हें वरीयता दी जायेगी. सरकार ने अग्निपथ योजना को युवाओं के हित में बता रही है. सरकार का कहना है कि सेना में चार साल की सेवा के बाद उनके पास एकमुश्त 20 लाख रुपये होंगे, जिससे वे नये सिरे से अपना भविष्य संवार सकेंगे.
सरकारों ने किया है नौकरी में प्राथमिकता देने का वादा
अग्निवीर अगर फिर से नौकरी करना चाहेंगे, तो उन्हें अलग-अलग क्षेत्रों में होने वाली नियुक्तियों में प्राथमिकता दी जायेगी. राज्य सरकारों ने भी इस बात का ऐलान किया है कि अग्निवीरों को अपने यहां नौकरी में प्राथमिकता देंगे. बता दें कि रक्षा मंत्रालय ‘अग्निपथ स्कीम’ लेकर आयी है, जिसके तहत युवाओं को चार साल के लिए ‘अग्निवीर’ के रूप में नियुक्त किया जायेगा. चार साल बाद वे सेना से बाहर होंगे, तब उनके पास 20-21 लाख रुपये होंगे.
