Chhattisgarh News : सीजीपीएससी घोटाले की होगी सीबीआई जांच! जानें भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने क्या कहा

भाजयुमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूर्या ने कहा कि राज्य में सीजीपीएससी की पहचान पारदर्शी चयन प्रक्रिया के लिए है, लेकिन छत्तीसगढ़ में पिछले तीन-चार वर्षों में उम्मीदवारों के चयन को देखकर मैं कह सकता हूं कि सीजीपीएससी देश का सबसे खराब और सबसे भ्रष्ट आयोग हो चुका है.

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) को लेकर भाजपा लगातार प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर हमलावर है. मामले को लेकर ताजा बयान भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या का आया है. उन्होंने सीजीपीएससी में कथित घोटाले को लेकर प्रदेश की बघेल सरकार पर जोरदार हमला किया और कहा कि यदि भाजपा सत्ता में आती है तो इसकी जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने का काम करेगी. आपको बता दें कि भारतीय जनता युवा मोर्चा के सदस्यों ने रायपुर में मामले के खिलाफ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया.

इस विरोध प्रदर्शन के बाद भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा कि भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली सरकार ने परीक्षा लेने वाली संस्था को पैसा संग्रह करने वाली कंपनी में बदलने का काम किया है. भाजयुमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूर्या ने सोमवार को मोर्चा की राज्य इकाई द्वारा मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए आयोजित एक विरोध प्रदर्शन रैली को संबोधित किया और कांग्रेस को कटघरे में खड़ा किया.

सीजीपीएससी की पहचान पारदर्शी चयन प्रक्रिया के लिए है

भाजयुमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूर्या ने कहा कि राज्य में सीजीपीएससी की पहचान पारदर्शी चयन प्रक्रिया के लिए है, लेकिन छत्तीसगढ़ में पिछले तीन-चार वर्षों में उम्मीदवारों के चयन को देखकर मैं कह सकता हूं कि सीजीपीएससी देश का सबसे खराब और सबसे भ्रष्ट आयोग हो चुका है. भाजपा सांसद ने बघेल पर निशाना साधा और कहा कि सीजीपीएससी में अनियमितता और भ्रष्टाचार ‘कमीशन राज’ को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि सीजीपीएससी 2021 की प्रक्रिया तीन साल में पूरी की गयी. इसकी प्रारंभिक परीक्षा 2021 और मुख्य परीक्षा 2022 में हुई थी, जबकि साक्षात्कार का परिणाम इस साल यानी 2023 में सामने आया है.


तेजस्वी सूर्या ने कुछ उम्मीदवारों के चयन पर सवाल उठाया

भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा कि इससे पता चलता है कि घोटाला कैसे हुआ है…उन्होंने सरकारी अधिकारियों और सत्ताधारी दल के नेताओं के परिवारों से कुछ उम्मीदवारों के चयन पर सवाल उठाया और कहा कि सीजीपीएससी के अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी के दत्तक पुत्र को सीजीपीएससी-2021 की परीक्षा में सातवां रैंक मिला. सोनवानी के बेटे का नाम प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा में पूरी तरह से सरनेम के साथ उल्लेख करने का काम किया गया था, लेकिन परिणाम में उसका नाम बिना सरनेम के लिखा गया.

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घोटाले की सीबीआई जांच की जाएगी

सूर्या ने वादा किया कि यदि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा सत्ता पर काबिज होती है तो पिछले तीन वर्षों के दौरान सीजीपीएससी में हुए कथित घोटाले की सीबीआई जांच की जाएगी. आपको बता दें कि रायपुर पुलिस ने विरोध प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया था तथा मुख्यमंत्री निवास की ओर जाने वाली सड़कों पर कई जगहों पर बैरिकेडिंग की थी. सूर्या और भाजयुमो कार्यकर्ताओं को पुलिस ने आकाशवाणी के करीब काली मंदिर चौक पर लगे बैरिकेड्स पर रोक दिया और सभी को हिरासत में ले लिया. हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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