CBI Summon Rubaiya Sayeed: जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की पुत्री रूबैया सईद को सीबीआई कोर्ट ने समन भेजा है. पूर्व सीएम की पुत्री को 1989 में उनके अपहरण से जुड़े एक मामले में 15 जुलाई को पेश होने के लिए समन जारी किया गया है. यह पहली बार है जब रुबैया सईद को मामले में पेश होने के लिए कहा गया है.
अपहरण के मामले में आरोपी है यासीन मलिक
रुबैया सईद अपहरण के मामले में यासीन मलिक आरोपी है. यासिन मलिक को हाल ही में आतंकी गतिविधियों के वित्तपोषण से जुड़े एक मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी. रुबैया सईद के अपहरण के बाद उनकी रिहाई के लिए पांच आतंकवादियों को रिहा किया गया था. इस घटना के लगभग डेढ़ महीने बाद 25 जनवरी 1990 को यासीन मलिक व जेकेएलएफ के अन्य आतंकियों ने श्रीनगर में वायुसेना के जवानों पर अंधाधुंध फायरिंग की. इसमें चार की मौत हो गई, जबकि 40 अन्य घायल हो गए.
तमिलनाडु में रहती हैं रुबैया सईद
रुबैया सईद तमिलनाडु में रहती हैं और सीबीआई ने उन्हें अभियोजन पक्ष के गवाह के रूप में सूचीबद्ध किया है. सीबीआई ने 1990 के दशक की शुरुआत में इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी. रूबैया सईद अपहरण मामले में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जेकेएलएफ (JKLF) का प्रमुख यासीन मलिक एक आरोपी है.
अपहरण केस और पाकिस्तान का कनेक्शन
1989 में तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रुबैया सईद के अपहरण में भी यासीन मलिक का हाथ बताया जाता है. पाकिस्तानी के सर्पोर्ट लेकर कश्मीर में अशांति फैलाने का मास्टरमाइंड यासीन मलिक (Yasin Malik News) हर वक्त घाटी में खुराफात करने की कोशिश में लगा रहता था. यासीन मलिक पर पाकिस्तान से हथियार लेने का भी आरोप लगा है. यासीन मलिक यासीन मलिक गुनाहों की फेहरिस्त काफी लंबी है.
