लोकसभा में बीते चार दिन से जारी गतिरोध गुरुवार को भी जारी रही. सदन में विपक्ष के हंगामे के बीच राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जवाब के बिना मंजूरी दे दी गई. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि कल (4 फरवरी) कांग्रेस के कई सदस्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सीट के पास पहुंचकर किसी अप्रत्याशित घटना को अंजाम देना चाहते थे, इसलिए उनके अनुरोध पर प्रधानमंत्री सदन में नहीं आए. सदन की कार्यवाही तीन बार के स्थगन के बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई.
सदन में होता रहा विपक्ष का हंगामा
संसद के दोनों सदनों की बैठक में 28 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर सोमवार को शुरू हुई चर्चा में भाग लेते हुए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे के एक अप्रकाशित संस्मरण के हवाले से चीन के साथ टकराव का मुद्दा उठाने का प्रयास किया, लेकिन अध्यक्ष मोम बिरला ने नियमों का हवाला देते हुए इसकी अनुमति नहीं दी. इस मुद्दे पर सदन में गतिरोध बीते चार दिनों से जारी है. बुधवार को आसन के पास कागज उछालने के मामले में कांग्रेस के आठ और एक माकपा सदस्य को संसद के वर्तमान सत्र की बची हुई अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया है.
स्पीकर ओम बिरला ने क्या कहा?
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने पर कहा “सदन में कल जो घटना हुई, जिस तरह से विपक्ष के सदस्य सत्ता पक्ष की तरफ पहुंचे. यह सदन की मर्यादा के अनुकूल नहीं है. सदन की मर्यादा बनाए रखने की जिम्मेदारी हम सबकी है.” इसके बाद, उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी.
ध्वनिमत से पारित हो गया धन्यवाद प्रस्ताव
लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे दोबारा शुरू की गई. अध्यक्ष ओम बिरला ने आसन के समीप प्रदर्शन कर रहे विपक्ष के सांसदों को बैनर नहीं दिखाने को कहा. लेकिन विपक्षी सदस्य नहीं मानें तो शोर-शराबे के बीच ही उन्होंने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को पारित करने के लिए सदन के साने रखा. हंगामे के बीच ही सदन ने ध्वनिमत से प्रस्ताव को पारित कर दिया.
विपक्षी सदस्यों ने की जमकर नारेबाजी
धन्यवाद प्रस्ताव पारित होने के बाद दोपहर 12 बजकर पांच मिनट पर सदन की बैठक दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई. दोपहर दो बजे कार्यवाही फिर शुरू होने पर विपक्षी सदस्य नारे लगाने लगे. पीठासीन सभापति संध्या राय ने कुछ मिनट बाद ही सदन की कार्यवाही दोपहर तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी. तीन बजे बैठक शुरू होने पर बिरला ने कहा ‘‘सदन के नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर कल जवाब देना था. मेरे पास ऐसी पुख्ता जानकारी आई कि कांग्रेस पार्टी के कई सदस्य नेता सदन की सीट पर पहुंचकर किसी भी अप्रत्याशित घटना को अंजाम दे सकते थे. मैंने यह दृश्य सदन में देखा भी. अगर ऐसी घटना हो जाती तो यह अत्यंत अप्रिय दृश्य देश की लोकतांत्रिक परंपराओं को तार-तार कर देता.” बिरला ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने उनके आग्रह पर बुधवार को सदन में नहीं आकर लोकसभा को अप्रिय दृश्य से बचाया और इसके लिए वह प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हैं.
दिनभर के लिए कर दी सदन की कार्यवाही स्थगित
स्पीकर ओम बिरला ने कहा “कल की घटना देश ने देखी है कि किस तरह महिला सदस्य प्रधानमंत्री के बैठने के स्थान तक पहुंची हैं. यह किसी तरह उचित नहीं था.” उन्होंने यह भी कहा कि बुधवार को विपक्ष के कुछ सदस्यों ने उनके चेंबर में आकर जिस तरह का व्यवहार किया, वैसा लोकसभा की शुरुआत से लेकर आज तक कभी नहीं हुआ और यह दृश्य एक ‘काले धब्बे’ की तरह था. इस दौरान कुछ विपक्षी सांसदों से नाराजगी जताते हुए बिरला ने कहा, ‘‘अगर आप पोस्टर और पैम्पलेट लेकर यहां आएंगे तो सदन नहीं चलेगा. आज भी नहीं चलेगा, कल भी नहीं चलेगा.’’ इसके बाद उन्होंने कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी. (भाषा इनपुट)
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