US Based Phase III Trial Of AstraZeneca Vaccine Results अमेरिका ने अब एस्ट्राजेनेका वैक्सीन पर भी मुहर लगा दी है. कोरोना के खिलाफ जंग में एस्ट्राजेनेका वैक्सीन को लेकर उपजी तमाम आशंकाओं के बीच यह एक अच्छी है. दरअसल, अमेरिका और दो दक्षिण अमेरिकी देशों में बड़े पैमाने पर किए गए एक परीक्षण में यह वैक्सीन कोरोना के खिलाफ 79 फीसद प्रभावी पाई गई है. एस्ट्राजेनेका और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) ने सोमवार को इस बारे में जानकारी साझा की है. बता दें कि दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन कंपनी SII भारत में इस वैक्सीन का उत्पादन कर रही है.
सीरम इंस्टिट्यूट के मुताबिक, अमेरिका में ऐस्ट्राजेनेका की वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल में सिम्प्टोमैटिक बीमारी के खिलाफ वैक्सीन 79 फीसदी असरदार पाई गई है. जबकि, गंभीर बीमारियों के खिलाफ वैक्सीन 100 फीसदी असरदार पाई गई है. भारत ने एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन कोविशील्ड और भारत बायोटेक और आईसीएमआर की ओर से बनाई गई कोवैक्सीन को आपातकालीन मंजूरी दी है और देश में 4 करोड़ से अधिक डोज इन टीकों के दिए जा चुके हैं.
ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और एस्ट्राजेनेका कंपनी द्वारा विकसित टीके के तीसरे चरण का अध्ययन अमेरिका, चिली और पेरू में किया गया जिससे इसके सुरक्षित और प्रभावी होने की पुष्टि दोबारा हुई. इससे पहले ब्रिटेन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका में टीके का परीक्षण किया गया था. कंपनी ने कहा कि अमेरिका में आखिरी चरण की टेस्टिंग में पाया गया है कि यह वैक्सीन बीमारी से मजबूत सुरक्षा प्रदान करता है. खास बात यह है कि टीका हॉस्पिटल में भर्ती होने या मौत की संभावना को सौ फीसदी खत्म कर देता है यानी टीका लगने के बाद संक्रमण हुआ भी तो वह गंभीर रूप नहीं ले पाएगा.
एस्ट्राजेनेका की ओर से यह भी कहा गया है कि विशेषज्ञों को वैक्सीन से किसी तरह के नुकसान का कोई सबूत नहीं मिला है, जिसमें खून का थक्का जमने को लेकर यूरोप के कुछ देशों में जताई गई आशंका भी शामिल है. कहा जा रहा है कि टीका बुजुर्गों सहित सभी उम्र के लोगों को संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करने में सक्ष्म है. हालांकि, कंपनी ने अभी यह नहीं बताया है कि कितने वॉलंटियर्स को यह टीका लगाया गया था.
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